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“होर्मुज पर मनमानी बर्दाश्त नहीं…” ईरान पर भड़के 22 देश, दे डाली बड़ी चेतावनी

Israel-Iran war

Israel-Iran war: मिडिल ईस्ट में जारी जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते ईरान के दखल को लेकर संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर गंभीर चिंता जताई है. ज्वाइंट स्टेटमेंट में लिखा गया कि हम खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों, तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों, और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज़ स्ट्रेट को असल में बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं. हम बढ़ते झगड़े पर अपनी गहरी चिंता ज़ाहिर करते हैं.

“अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा”
स्टेटमेंट में आगे लिखा कि हम ईरान से अपील करते हैं कि वह अपनी धमकियों, माइंस बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों, और कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट को रोकने की दूसरी कोशिशों को तुरंत बंद करे और UN सिक्योरिटी काउंसिल रेज़ोल्यूशन 2817 का पालन करे. नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन भी शामिल है. ईरान की कार्रवाइयों का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों पर पड़ेगा, खासकर सबसे कमजोर वर्गों पर. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के अनुरूप, हम इस बात पर जोर देते हैं कि अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी में इस तरह का हस्तक्षेप और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है.

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सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों को बनाए रखने का आह्वान
ज्वाइंट स्टेटमेंट में आगे लिखा है कि हम तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक अवसंरचनाओं पर हमलों पर तत्काल व्यापक रोक लगाने का आह्वान करते हैं. हम जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देने की अपनी तत्परता व्यक्त करते हैं. हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी संबंधी योजना में लगे हुए हैं. हम अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों की समन्वित निकासी को अधिकृत करने के निर्णय का स्वागत करते हैं. हम ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए अन्य कदम उठाएंगे, जिसमें कुछ उत्पादक देशों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाना शामिल है. हम संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (आईएफआई) के माध्यम से सबसे अधिक प्रभावित देशों को सहायता प्रदान करने के लिए भी काम करेंगे. समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सभी देशों के लिए लाभकारी है. हम सभी देशों से अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और अंतर्राष्ट्रीय समृद्धि और सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों को बनाए रखने का आह्वान करते हैं.

 

 

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