Farsa Wale Baba Murder: उत्तर प्रदेश के मथुरा के ब्रज थाना क्षेत्र में गौरक्षक संत चंद्रशेखर जिनको ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता है. उनकी गौतस्करों ने गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी है. जिसके बाद बवाल मचा हुआ है. आक्रोशित लोगों ने दिल्ली आगरा हाईवे को जाम कर दिया है, जिससे गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
फरसा वाले बाबा के एक साथी ने दावा किया कि ट्रक में गौवंश होने की सूचना पर शनिवार तड़के बाबा अपने साथियों के साथ एक ट्रक का पीछा कर रहे थे. तभी बाबा ने ट्रक को ओवरटेक करते हुए उसके सामने बाइक खड़ी कर दी. ट्रक का ड्राइवर बाबा को कुचलते हुए फरार हो गया. जिसके बाद बाबा की मौत हो गई. बाबा की मौत की सूचना मिलने पर दिल्ली-मथुरा हाईवे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. उन्होंने हाईवे को जाम कर दिया. पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया. जिसके बाद लोगों ने पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. आक्रोशित लोगों ने पुलिस की 5-6 गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की. भीड़ को बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए.
यह भी पढ़ें: दिल्ली के उत्तम नगर में ईद पर चप्पे-चप्पे पर हाई सिक्योरिटी, 1500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात, ड्रोन से निगरानी
“आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा”
मामले को लेकर डीआईजी शैलेश पांडे ने कहा कि गौवंश होने की सूचना पर बाबा एक ट्रक को रोककर उनकी चेकिंग कर रहे थे. लेकिन सुबह कोहरा होने की वजह से पीछे से आ रहे ट्रक ने खड़े ट्रक को टक्कर मार दी. DIG ने साफ किया कि ट्रकों में कोई गोवंश नहीं था, उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की घटना पर संज्ञान लिया है. उन्होंने अधिकारियों को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा.
कौन थे फरसा वाले बाबा?
‘फरसा वाले बाबा’ का असली नाम चंद्रशेखर था. वे अपने हाथ में कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र फरसा रखते थे. जिसकी वजह से उन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ कहा जाता था. वे मथुरा के कोसीकलां और आसपास के इलाकों में अवैध गौ तस्करी को रोकने के लिए सक्रिय रहते थे. वे कुछ हिंदूवादी संगठनों से भी जुड़े हुए थे. उन्होंने गोरक्षकों की एक टीम भी बना रखी थी.



