Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज(15 मार्च) असम के गुवाहाटी में युवा शक्ति समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी असम की संस्कृति, कला, भाषा का कभी सम्मान नहीं किया. कांग्रेस के ज़माने में असम विद्रोह का स्थान बना था, सैकड़ों युवा मारे गए. हमने 2020 में बोडो शांति समझौता, 2021 में कार्बी शांति समझौता किया, 2022 में आदिवासी शांति समझौता किया, 2023 में DNLA समझौता किया और 2024 में ULFA समझौता करके असम को शांत बनाने का काम किया. 10,800 ग्रुप सरेंडर कर चुके हैं.
“असम को घुसपैठियों की पनाहगाह बनाया था”
केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि जब कांग्रेसियों की सरकार आई उन्होंने असम को घुसपैठियों की पनाहगाह बनाया था. हमने वादा किया था कि हम असम को घुसपैठिया मुक्त बनाएंगे और हिमंता बिस्वा सरमा ने 1 लाख 51 बीघा भूमि घुसपैठियों से मुक्त कराई. मैं लोगों को कहना चाहता हूं कि तीसरा जनादेश दे दीजिए, हम असम से नहीं पूरे देश से घुसपैठियों को चुन-चुन कर निकालेंगे. उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि क्या कांग्रेस पार्टी घुसपैठियों को निकाल सकती है. एक-एक घर की जांच कर घुसपैठियों को निकालने का काम बनने वाली सरकार करेगी. कांग्रेस पार्टी ने इसको लीगलाइज भी किया. हम घुसपैठियों को बाहर निकालने का संकल्प आसाम की जनता के सामने लेंगे.
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“नाम कटाने से हम नहीं रुकेंगे”
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी इसलिए SIR का विरोध कर रहे है क्योंकि घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से कट रहे हैं. राहुल बाबू ये तो शुरुआत है नाम कटाने से हम नहीं रुकेंगे. नाम तो कटेंगे ही कटेंगे एक-एक को देश की भूमि छोड़कर जाना ही पड़ेगा. ये भारतीय जनता पार्टी का वादा है. एक और कांग्रेस पार्टी है जो अपने बेटे-बेटियों की चिंता करती है दूसरी ओर भाजपा असम के बेटे-बेटियों की चिंता करती है.



