LPG Crisis in India:पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि जहां तक कच्चे तेल की बात है, हमारे पास 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है. हम पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं इसलिए, भारत में इन ईंधनों को आयात करने की कोई आवश्यकता नहीं है. हमारी सभी रिफाइनरियां इस समय 100% क्षमता या उससे भी अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं. रिफाइनरियों के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है, और इसके अलावा इसकी आपूर्ति भी लगातार बनी हुई है. घरेलू उपभोक्ताओं को PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) और CNG (कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस) की आपूर्ति बिना किसी रुकावट या कटौती के सुनिश्चित की जा रही है. इस स्थिति को देखते हुए घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है.
“पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध”
सचिव सुजाता शर्मा ने आगे कहा कि हमारे प्रमुख शहरी शहरों और केंद्रों में रहने वाले उन व्यावसायिक उपभोक्ताओं के संबंध में-जिनमें से कई लोग इस समय LPG आपूर्ति पर अपनी निर्भरता के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं-भारत सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. हम ऐसे सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील करते हैं कि PNG कनेक्शन प्राप्त करने के लिए वे अपने स्थानीय CGD (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) नेटवर्क प्रदाता या अपने अधिकृत डीलर से संपर्क करें. सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. LPG के संबंध में मैं यह कहना चाहूंगी कि यह हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है. फिर भी इस स्थिति के बावजूद हमारे 25,000 वितरकों में से किसी के भी यहां स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. मैं सभी नागरिकों से अपील करना चाहूंगी कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी करने से बचें.
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“घबराएं नहीं और घबराहट में बुकिंग करने से बचें”
सुजाता शर्मा ने राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने ज़िलों के भीतर केरोसिन के वितरण के लिए खास जगहों की पहचान करें-विशेष रूप से उस 48,000 KL की अतिरिक्त मात्रा के लिए, जिसे भारत सरकार ने नियमित कोटे के अलावा मंज़ूरी दी है. वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को सक्रिय करने के लिए, कोल इंडिया ने पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला उपलब्ध हो सके. मैं सभी साथी नागरिकों से अपील करती हूं कि वे घबराएं नहीं और घबराहट में बुकिंग करने से बचें.
“3 भारतीय ध्वज वाले जहाज रह गए”
वहीं भारत सरकार के शिपिंग मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम तरफ जो फ़ारसी खाड़ी है उसमें भारतीय ध्वज वाले 24 जहाज़ हैं यह संख्या कल इतनी थी और आज भी, जिन पर कुल 677 भारतीय नाविक सवार हैं. हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी में, पहले चार जहाज़ थे, कल उनमें से एक मूव किया है-‘जग प्रकाश’ नाम का एक तेल टैंकर. तो अब वहां पर 3 भारतीय ध्वज वाले जहाज रह गए. जिन पर 76 भारतीय नाविक सवार हैं.
उन्होंने कहा कि इसके अलावा पूरे खाड़ी क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक अलग-अलग जहाज़ों पर काम कर रहे हैं-जिनमें व्यापारिक जहाज़ और ऑफ़शोर जहाज़ शामिल हैं. शिपिंग महानिदेशालय (DG Shipping) अपनी-अपनी संबंधित एजेंसियों के ज़रिए उन सभी के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.



