Parliament Budget Session 2026:पश्चिम एशिया के हालात पर भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राज्यसभा में बयान दिया. ईरानी जहाजों पर जानकारी देते हुए कहा कि हिंद महासागर में ईरान के तीन जहाज थे. जिनमें से एक को हमने शरण दी है. मैंने ईरान के विदेश मंत्री से 28 फरवरी और 5 मार्च को बात की. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में हम सतर्क हैं. विदेश मंत्री ने बताया कि हमने 2 भारतीय नाविकों को खो दिया है और अभी भी लापता है.
“तेहरान में हमारी एंबेसी हाई अलर्ट पर है”
एस जयशंकर ने संसद में बताया कि इंडियन एम्बेसी ने तेहरान में कई इंडियन स्टूडेंट्स को बाहर की जगहों पर शिफ्ट करने में मदद की है. भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया पार करके इंडिया लौटने में मदद की गई है. तेहरान में हमारी एंबेसी पूरी तरह चालू है और हाई अलर्ट पर है. हम इस वक्त इंडियन कम्युनिटी को सपोर्ट करने के लिए कमिटेड हैं. हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी. उन्होंने कहा कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी जारी रखनी चाहिए. प्रधानमंत्री नए डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय असरदार जवाब देने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं.
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“भारतीय नाविकों के लिए अपनी एडवाइजरी जारी की थी”
विदेश मंत्री ने कहा कि प्रभावी प्रतिक्रियाओं को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित मंत्रालय समन्वय कर रहे हैं. संघर्ष लगातार तीव्र होता जा रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी बिगड़ गई है. हमने गौर किया है कि वास्तव में, यह संघर्ष अन्य देशों में भी फैल गया है, जिससे तबाही और मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. वहीं उन्होंने बताया कि मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल ने भी 14 जनवरी को भारतीय नाविकों के लिए अपनी एडवाइजरी जारी की, जिसमें उनसे एम्बेसी की एडवाइजरी मानने और किनारे पर बेवजह आने-जाने से बचने को कहा गया था.
वेस्ट एशिया में संघर्ष की स्थिति पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि कल तक हमारे लगभग 67,000 नागरिक लौटने के लिए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं. वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है.



