New Leader of Iran: दिवंगत सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी और देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। उनके नाम का ऐलान ईरानी सरकारी टीवी ने सोमवार तड़के किया। इससे पहले अमेरिका और इजराइल ने कहा था कि उन्हे आयतुल्ला खामनेई की विचारधारा वाला उत्तराधिकारी मंजूर नहीं होगा, इजराइल ने चेतावनी दी थी कि यदि खामनेई के बेटे को चुना गया तो उन्हे निशाना बनाया जाएगा। मुजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद के प्रमुख दावेदारों में माना जाता रहा था, हालांकि उन्होंने कभी कोई निर्वाचित या औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुने। इस पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने ट्रम्प का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ईरान का भविष्य जेफ्री एपस्टीन के गिरोह नहीं, बल्कि ईरानी जनता तय करेगी। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुने। दूसरी तरफ इजराइल ने धमकी दी थी कि वो खामेनेई के उत्तराधिकारी को भी खत्म कर देंगे।
35 साल से ईरान की सर्वाेच्च सत्ता पर काबिज थे अली खामेनेई
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल के हमले में मौत हो गई थी। अयातुल्ला 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वाेच्च नेता के पद पर काबिज थे। ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी। इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया था। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक अयातुल्ला धर्मगुरु की एक पदवी है। ईरान के इस्लामिक कानून के मुताबिक, सुप्रीम लीडर बनने के लिए अयातुल्ला होना जरूरी है। यानी कि सुप्रीम लीडर का पद सिर्फ एक धार्मिक नेता को ही मिल सकता है।
इराक के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक
इराक के शहर एरबिल के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ड्रोन हमले को रोक दिया गया। लोकल मीडिया के मुताबिक एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन को मार गिराया। एरबिल एयरपोर्ट पर अमेरिका की सेना भी तैनात है। यह शहर इराक के कुर्द क्षेत्र की राजधानी है। उधर बगदाद में भी रात के समय कई ड्रोन हमलों की कोशिश हुई। रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास कई ड्रोन को हवा में ही गिरा दिया गया।
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तेल की कीमतों में उछाल
रान जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंची, मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम साढ़े तीन साल के हाई पर पहुंच गए हैं।
रविवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है। इससे पहले 2022 में कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर ट्रेडिंग शुरू होते ही ब्रेंट क्रूड 16.5ः की उछाल के साथ 108 डॉलर पर पहुंच गया, जो शुक्रवार को 93 डॉलर पर बंद हुआ था। जंग के दौरान यानी 10 दिन में ही कच्चा तेल करीब 48ः महंगा हो चुका है। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त तेल है, लिहाजा भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे।
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