Ayatollah Ali Khamenei Death: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की US-इज़राइल स्ट्राइक में हत्या के विरोध में जंतर मंतर पर शिया समुदाय की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान ऑल इंडिया शिया काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना जन्नान असग़र मौलाई ने कहा कि जिस शख्सियत को शहीद किया गया है, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को, वह दुनिया भर के मुसलमानों के रहबर थे. वे न केवल ईरान के सर्वोच्च नेता थे, बल्कि पूरी इस्लामी उम्माह के लिए आध्यात्मिक और धार्मिक नेता भी थे. उनकी शहादत से हमारे दिल जख्मी हैं, गमजदा है, आज दुनिया के बदतरीन इंसानों ने दुनिया के बेहतरीन इंसान को कत्ल किया है. वे अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे. जालिमों का वजूद मिटकर रहेगा. खामनेई का नाम हमेशा जिंदा रहेगा.
“हमारे लिए हमेशा जिंदा रहेंगे”
वहीं जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिलाएं रोती नजर आईं. एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि शियाओं को उनके लीडर से दूर कर दिया गया है. जो लीडर दबे-कुचले लोगों के लिए खड़ा था, जो गाजा के लिए खड़ा था, उसकी क्या गलती थी? क्या उसका सिर्फ़ यही ‘गुनाह’ था कि उसने गाजा का साथ दिया और अनाथ बच्चों की मदद की? उसने अपने देश के लिए कोई पर्सनल लड़ाई नहीं लड़ी; वह सिर्फ़ दबे-कुचले लोगों के लिए खड़ा था. खामेनेई जिंदा थे, हमारे लिए हमेशा जिंदा रहेंगे.
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“खामेनेई की अपनी कोई लड़ाई नहीं थी”
एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि मैं पूरी दुनिया को पैगाम देना चाहती हूं कि ये इंसाफ की लड़ाई है, मजलू्मों की लड़ाई है, किसी एक की लड़ाई नहीं है. जो लोग इंसान और इंसानियत को पसंद करते हैं वो लोग हमारे साथ आएं और प्रदर्शन करें. खामेनेई की अपनी कोई लड़ाई नहीं थी, गांजा के बच्चों के लिए, मजलूमों के लिए लड़ाई थी.
“ऐसी कई ताकतें पैदा हुई हैं और खुद नष्ट हो गई हैं”
कांग्रेस नेता आसिफ मुहम्मद खान ने खामनेई की हत्या पर कहा कि यह संभव नहीं है कि इस्लाम का पालन करने वालों को मिटा दिया जाए या इस्लाम को दुनिया से खत्म कर दिया जाए. इतिहास में ऐसी कई ताकतें पैदा हुई हैं और खुद नष्ट हो गई हैं.


