Rajpal yadav – बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव 28 फरवरी को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले पर खुलकर बात की। इस दौरान उनके वकील भास्कर उपाध्याय भी मौजूद रहे। राजपाल ने बताया कि यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं बल्कि ईगो यानी अहंकार की लड़ाई बन चुका है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
राजपाल यादव ने बताया कि उन्होंने साल 2010 में अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स नाम की कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। उनका कहना है कि यह पूरा समझौता भरोसे के आधार पर हुआ था और उन्होंने बिना किसी वकील से सलाह लिए दस्तावेजों पर साइन कर दिए थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि बात कोर्ट तक पहुंच जाएगी। उनके मुताबिक, फिल्म रिलीज के बाद तय हुआ था कि 5 करोड़ की जगह 8 करोड़ रुपये वापस किए जाएंगे और बाकी मुनाफा उनका रहेगा। लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 1 करोड़ रुपये ही कमा सकी।
पैसों से ज्यादा इज्जत की बात है
राजपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा अगर सिर्फ पैसों की बात होती तो मैं 2013 से ही देने को तैयार था। सामने वाला चाहता है कि मैं 5 करोड़ के लिए उसके पैरों में गिर जाऊं। उसे पैसे से ज्यादा इज्जत चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि बिना पढ़े कागजों पर साइन करना उनकी बड़ी गलती थी। उस समय न तो कोई वकील शामिल था और न ही उनके परिवार को इस डील की पूरी जानकारी थी।
जेल और कोर्ट केस
फिल्म की कमाई कम होने की वजह से राजपाल यादव कर्ज नहीं चुका पाए। उन्होंने कंपनी को कुछ चेक दिए लेकिन वे बाउंस हो गए। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। फिलहाल वे 1.5 करोड़ रुपये की जमानत पर बाहर हैं। इस केस की अगली सुनवाई 18 मार्च को होनी है।


