Ayatollah Ali Khamenei Death:ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल-अमेरिका के मिसाइल अटैक में मौत हो गई है. खामेनेई की हत्या के विरोध में भारत में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. श्रीनगर के लाल चौक पर भी लोगों ने प्रदर्शन किया, साथ ही प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक क्लॉक टावर लाल चौक में ज़ुहर की नमाज़ अदा की. PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इजरायल-ईरान युद्ध पर कहा कि मेरे पास इस समय शब्द नहीं है. ईरान में जिस तरह के हालात हैं, मुझे लगता है कि ये पूरी दुनिया के लिए सबक है कि किस तरह से ‘वॉर क्रिमिनल’ नेतन्याहू अमेरिका का इस्तेमाल कर रहे हैं, अपना मकसद हासिल करने के लिए। इसका प्रभाव बहुत दूर तक जाएगा.
“हमारा देश उभरती हुई ताकत है”
महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि हमारा देश उभरती हुई ताकत है. ऐसे में हमारी बहुत अच्छी भूमिका अमन बहाली करने में हो सकती थी लेकिन मौजूदा सरकार की जो रणनीति रही है, उसके बाद हम एक सामान्य देश बन चुके हैं. ईरान की जनता मजबूत है. वहां की जनता काफी सालों से ‘शैतानी ताकतों’ का मुकाबला कर रहे हैं. मैं प्रार्थना करती हूं कि इस युद्ध में ईरान की जीत हो.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में बड़ा हादसा, SBL एनर्जी लिमिटेड में बलास्ट, 17 लोगों की मौत, 18 घायल
खामेनेई की स्मृति में शोक सभा का आयोजन
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली ईरान कल्चर हाउस में खामेनेई की स्मृति में शोक सभा का आयोजन किया गया. इस दौरान लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया. मौलाना सैयद मोहसिन ने कहा कि हमारे लीडर आयतुल्लाह खामनेई बहुत सादा ज़िंदगी गुज़ारने वाले थे. इस्लामी दुनिया के अहम और बड़े विद्वान की हैसियत से पहचाने जाते थे. वह कभी ज़ालिम की शर्तों पर नहीं चले. वह देश जिसने हिरोशिमा नागासाकी में लाखों लोगों को बम के ज़रिए सब बर्बाद कर दिया हो, वह खुद तो हज़ारों बम रखे और दूसरा जो शांतिप्रिय देश एटॉमिक पावर पर काम करे उसे काम करने नहीं दिया जाए.
“अमेरिका ने बहुत बड़ी गलती है”
इस दौरान मौलाना मंज़ूर आलम जाफ़री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आज अमेरिका ने जो गलती की है, यह बहुत बड़ी गलती है. आज अमेरिका ने पूरी दुनिया में मानवता को शर्मसार किया है। यह एक ऐसी शख्सियत थी, जो पूरी इंसानियत की अयादत और रहबरी करती थी.



