Technic : WhatsApp के लिए सिम का एक्टिव जरुरी है। सरकार के इस निर्णय के असर से करोड़ों लोगों का WhatsApp अकाउंट आज से बंद होने जा रहा है. सिम बाइडिंग को लेकर 28 फरवरी तक की डेडलाइन थी, जिसको आज लागू होना है. नए नियम का असल टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स पर भी लागू होगा. भारत में करोड़ों लोग WhatsApp यूज करते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 85.3 करोड़ WhatsApp के यूजर्स हैं. इसमें बहुत से यूजर्स ऐसे हैं, जो लिंक्ड डिवाइस की मदद से एक से ज्यादा स्मार्टफोन में मैसेजिंग ऐप चलाते हैं. सिम बाइडिंग लागू होने का बाद जिन स्मार्टफोन में एक्टिव सिम कार्ड नहीं है. उन हैंडसेट में WhatsApp बंद हो जाएगा. अनुमान है कि जो लोग एक सिम की मदद से दो या उससे ज्यादा स्मार्टफोन पर वाट्स अप चलाते हैं, उनके फोन से WhatsApp बंद हो जाएगा. यह संख्या करीब 2 करोड़ से ज्यादा की होगी. हालांकि लैपटॉप और पीसी में वाट्स अप चलता रहेगा.
दूरसंचार विभाग का सिम बाइडिंग नियम
दूरसंचार विभाग (DoT) टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियम, 2024 के तहत अनिवार्य SIM बाइंडिंग लागू करेगा. ये नियम लोगों की सेफ्टी के मद्देनजर लाया गया है. सरकार इस नियम की मदद से साइबर क्रिमिनल्स आदि पर लगाम लगाना चाहती है.
सिम बाइडिंग नियम से क्या होंगे फायदे?
- साइबर स्कैमर्स पर लगेगी लगाम
- WhatsApp की मदद से साइबर स्कैमर्स ठग नहीं पाएंगे.
- डिजिडल अरेस्ट जैसे केस में कमी आएगी.
- UPI ऐप्स में सिम बाइडिंग नियम पहले से लागू है.
WhatsApp का ग्लोबल लॉगइन मॉडल क्या है
WhatsApp, असल में एक ग्लोबल ऐप है और इसमें वेरिफिकेशन्स के लिए एक ग्लोबल मॉडल यूज होता है. इस मॉडल का नाम वेरिफाई वन्स है. यानी यूजर्स को एक बार OTP से वेरिफाई करना होता है, जिसके बाद स्मार्टफोन में सिम कार्ड ना उसके बाद भी WhatsApp चलता रहता है. अब भारत में सिम बाइडिंग नियम के बाद WhatsApp ऐसा नहीं कर पाएंगे.



