Income Tax : यदि प्रोपर्टी खरीद रहे हैं और वो 20 लाख रुपये से कम की है तो आपको PAN कार्ड की जरुरत नहीं होगी। नए आयकर नियम के मुताबिक 20 लाख रुपए से कम वैल्यू की प्रॉपर्टी डील पर पेन अनिवार्य नहीं होगा. हालांकि, 20 लाख रुपए या उससे ज्यादा की खरीद-बिक्री में PAN देना जरूरी रहेगा. इसके अलावा गिफ्ट और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट को भी पेन नियम के दायरे में लाने का प्रस्ताव है.
आयकर का नया ड्राफ्ट
आयकर विभाग ने नए आयकर अधिनियम के तहत ड्राफ्ट आयकर नियम 2026 जारी किया हैं. इन प्रस्तावित नियमों में प्रॉपर्टी लेनदेन के दौरान PAN को लेकर अहम बदलाव का सुझाव दिया गया है. अब तक अगर किसी अचल संपत्ति, जैसे घर या जमीन की खरीद या बिक्री 10 लाख रुपए से ज्यादा होती थी, तो PAN देना अनिवार्य था. लेकिन नए ड्राफ्ट नियम में इस लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने का प्रस्ताव है. नए ड्राफ्ट नियम का मकसद छोटे लेनदेन पर कंप्लायंस का बोझ कम करना और बड़ी डील्स में पारदर्शिता बनाए रखना है. जानकारों के अनुसार यह बदलाव प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों को ध्यान में रखकर किया गया है. उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपए की मौजूदा लिमिट अब कई शहरों में छोटे लेनदेन के लिए भी लागू हो जाती थी, जिससे कंप्लायंस प्रोसेस जटिल हो जाता है. यह कदम छोटे और मिड-रेंज प्रॉपर्टी खरीदारों के लिए राहत देगा, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें आमतौर पर कम होती हैं.
निगरानी पर जोर
भले ही छोटी डील्स में राहत दी जा रही है, लेकिन 20 लाख रुपए से ऊपर के लेनदेन में पेन अनिवार्य रहेगा. इससे बड़ी डील्स की बेहतर निगरानी संभव होगी और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि पेन के जरिए प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन को टैक्स रिकॉर्ड से जोड़ने से भविष्य में टैक्स जांच की संभावना कम होगी. लेकिन इसके लिए डॉक्युमेंट्स का सही होना जरूरी है.
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अभी ड्राफ्ट चरण में हैं नियम
नए नियम अभी ड्राफ्ट रूप में हैं और अंतिम निर्णय से पहले इनमें बदलाव संभव है. अगर ये नियम लागू होते हैं, तो प्रॉपर्टी लेनदेन के दौरान पेन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
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