AI Summit Row: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुए हंगामे और विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया है. जिसको लेकर भाजपा नेता गौरव भाटिया (Gaurav Bhatia) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भारत को शर्मिंदा करने के लिए यह साजिश रची थी. परत दर परत अब वो बाहर आ रही है. ये कहना गलत नहीं होगा राहुल गांधी देश को शर्मिंदा करने के प्रयास में वे खुद परत दर परत खुद नंगे होते जा रहे हैं. किसी ने नहीं सोचा था ना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ना ही भगत सिंह कि एक दिन ऐसा आएगा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता उसके (राहुल गांधी) इशारे पर नंगा नाच करेंगे.
“मोहब्बत की दुकान में नंगई और बेशर्मी का सामान रखा हुआ है”
भाटिया (Uday Bhanu Chib) ने आगे कहा कि राहुल गांधी कुछ समय पहले तो कहते थे मोहब्बत की दुकान लगाऊंगा, अब मोहब्बत की दुकान में नंगई और बेशर्मी का सामान रखा हुआ है. AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा शर्टलेस विरोध प्रदर्शन करने के लिए उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया और दिल्ली पुलिस ने न्यायालय से उनकी 7 दिन की रिमांड मांगी थी. न्यायालय ने उदय भानु चिब की 4 दिन की पुलिस कस्टडी स्वीकार कर ली है.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ( Rahul Gandhi)भारत को नंगा करना चाहते थे वो आज खुद राजनीतिक तौर पर नंगे हो चुके हैं. राहुल गांधी ने संविधान की प्रतिलिपि नहीं पढ़ी है. उसको पढ़ते तो पता चलता कि अभिव्यक्ति की आजादी की भी एक मर्यादा और सीमा होती है. देश का दुर्भाग्य है कि भारत के नेता प्रतिपक्ष भारत की सबसे कमजोर कड़ी हैं. भारत का हर नागरिक संविधान का पालन करता है क्योंकि यही सूत्र भारतीयों को एक दूसरे से बांधता है.
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उदय भानु चिब के वकील ने क्या कहा?
उदय भानु चिब (Uday Bhanu Chib) की गिरफ्तारी पर वकील रूपेश सिंह भदौरिया ने कहा कि जिस तरह से केस सामने आ रहा है, जिस तरह से वे झूठ का यह पूरा जाल बुन रहे हैं, हम देखेंगे. वे जो चाहेंगे करेंगे और हम देखेंगे कि आगे क्या होता है. क्या कोई सबूत है? कोई वीडियो दिखाओ जिसमें यहां किसी अग्रेसिव पार्टी के किसी व्यक्ति ने किसी सरकारी अधिकारी पर क्रिमिनल हमला किया हो, कुछ किया हो या हेट स्पीच दी हो. ग्वालियर, झांसी, ललितपुर और रायबरेली में गिरफ्तारियां हुई हैं. बाकी कहां हैं? उनके पास सब कुछ है. यह हैरेसमेंट के अलावा कुछ नहीं है. यह पॉलिटिकल टारगेटिंग और एक मिसाल कायम करने की बात है कि भविष्य में अगर कोई इस तरह से युवाओं की आवाज उठाएगा और विरोध करने की कोशिश करेगा, तो उसे भी यही अंजाम भुगतना होगा.



