PM Narendra Modi: दिल्ली में आज(2 मार्च) कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मौजूदगी में 3 MoU डॉक्यूमेंट्स एक्सचेंज किए. ये MoU महत्वपूर्ण खनिज सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक सहयोग पर हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री कार्नी का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. पिछले वर्ष कनाडा में आयोजित G-7 बैठक में उन्होंने गर्मजोशी से मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया था. उसी आत्मीयता से उनका स्वागत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास रखते हैं. हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक हमारा व्यापार 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचे. हमने कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट को जल्द ही अंतिम रूप देने का निर्णय किया है. इससे दोनों देशों में निवेश और रोज़गार के नए अवसर बनेंगे.
“हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है”
वहीं PM मोदी ने कहा कि दुनिया में चल रहे अनेक तनावों पर भारत की सोच स्पष्ट ही है. हमने हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया है और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़ी होती हैं, तो शांति की आवाज और भी सशक्त हो जाती है. पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए सभी विवादों के समाधान का समर्थन करता है. हम इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम सभी देशों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे.
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“भविष्य के लिए अपना रास्ता खुद बना रहे हैं”
कनाडा के PM मार्क कार्नी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले साल कनाडा और भारत की सरकारों के बीच इतना जुड़ाव हुआ है जितना दो दशकों से ज़्यादा समय में नहीं हुआ. यह सिर्फ़ एक रिश्ते का नवीकरण नहीं है. यह नई महत्वाकांक्षा, फोकस और दूर की सोच के साथ एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है. दो आश्वस्त देशों के बीच एक साझेदारी जो भविष्य के लिए अपना रास्ता खुद बना रहे हैं.


