Bitcoin down: बिजनैस मार्कट में निवेश पारंपरिक तरीका बदल रहा है। निवेशक पहले शेयरों में करते रहे फिर बिटकॉइन में निवेश करने लगे लेकिन बिटकॉइन की कीमतें पहले के मुकाबले गिरती जा रही हैं जिससे निवेशक की चिंता भी बढने लगी हैं. बिटकॉइन की कीमतें 25 फरवरी को तेजी से गिरकर 65,000 डॉलर से नीचे चली गईं. एशियाई बाजारों में सुबह के समय यह 64,300 से 64,970 डॉलर के बीच ट्रेड कर रहा था, पिछले 24 घंटों में करीब 4.5 से 5 प्रतिशत की गिरावट आई. कुल क्रिप्टो मार्केट कैप 2.23 ट्रिलियन पर है, और ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ा हुआ है. मार्केट विशेषज्ञ कहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15 प्रतिशत नए ट्रैरिफ के घोषित होने के बाद निवेशकों में “रिस्क-ऑफ” माहौल बन गया है, जिससे क्रिप्टो समेत कई जोखिम वाले निवेश दबाव में आ गए हैं.
निवेश सोने की ओर शिफ्ट
एक्सपर्ट्स की मानें तो निवेशकों का पैसा सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स जैसे सोने की ओर शिफ्ट हुआ है, जिसकी कीमत में 2 फीसदी से ज्यादा उछाल आया. वहीं बिटकॉइन क्रिप्टो बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और ऑन-चेन डेटा के मुताबिक करीब 1.36 लाख ट्रेडर्स की पोजिशन लिक्विडेट हो गई, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 458 मिलियन डॉलर रही है. इनमें से ज्यादातर लॉन्ग पोजिशन थीं. बिटकॉइन के साथ अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी गिरावट में रहीं. इस दौरान एथेरियम, एक्सआरपी, बीएनबी, सोलाना और डॉजकॉइन में 5 से 9 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई. कुल क्रिप्टो मार्केट कैप भी गिरकर करीब 2.23 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया.
यह भी पढ़ें: IDFC FIRST Bank में बड़ी धोखाधड़ी ! हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ की हेराफेरी
बाजार का रुख कमजोर
एक्सपर्ट्स की मानें तो फिलहाल बाजार का रुख कमजोर रह सकता है और बिटकॉइन 60,000 डॉलर के स्तर को टेस्ट कर सकता है. हालांकि उनका कहना है कि निवेशकों को घबराने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करने पर, पर्याप्त नकदी बनाए रखने और मजबूत फंडामेंटल वाले एसेट्स पर ध्यान देने जैसी रणनीति अपनानी चाहिए. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब डर का स्तर बहुत ज्यादा होता है तो अक्सर उसी दौर के बाद मध्यम अवधि में खरीदारी के मौके भी बनते हैं. इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है.
यह भी देखें : मंच पर छलक आए वसुंधरा राजे के आंसू द्य क्यों रोने लगीं पूर्व सीएम?



