Education : देश के अलग-अलग शहरों के बच्चों से पीएम मोदी ने नई दिल्ली में अपने आवास पर सीधे संवाद किया। मौका था परीक्षा पर चर्चा का। कोयंबटूर, रायपुर, गुजरात के देव मोगरा, गुवाहाटी और दिल्ली से जुड़े छात्रों ने पीएम मोदी से खुलकर सवाल पूछे। पीएम मोदी से मिलकर उनसे बात करने में बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। चेहरों पर जिज्ञासा साफ दिख रही थी।
अच्छा लीडर कैसे बनें?
परीक्षा पर चर्चा के दौरान ही एक छात्र ने सीधा सवाल पीएम से पूछा कि सर, अच्छा लीडर कैसे बन सकते हैं? इस सवाल का प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लीडर बनने का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना या राजनीति में जाना नहीं होता। असली नेतृत्व तो रोजमर्रा की जिंदगी से शुरू होता है।उन्होंने समझाया कि अगर आप कम से कम 10 लोगों को अपनी बात सही ढंग से समझा सकते हैं, तो वही असली लीडरशिप है। लेकिन उससे पहले जरूरी है कि आप उन 10 लोगों को समझें। उनकी सोच, उनकी परेशानी, उनकी भावनाएं। उनका कहना था कि पहले सुनो, फिर समझो, उसके बाद बोलो। जो दूसरों को समझ सकता है, वही उन्हें दिशा दे सकता है।
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परीक्षा पर चर्चा हर साल की परंपरा
साल 2018 से हर साल परीक्षा से पहले ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन होता है। इस मंच पर पीएम मोदी छात्रों से परीक्षा के तनाव, आत्मविश्वास और भविष्य की तैयारी जैसे विषयों पर बातचीत करते हैं। इस बार कार्यक्रम में नए शहर भी जुड़े। परीक्षा पे चर्चा के कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने छात्रों को आने वाली परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी। साथ ही, अपने अंदाज में चाय का जिक्र भी किया। कभी खुद को ‘चाय वाला’ कहकर, तो कभी चाय बनाने की बात छेड़कर माहौल हल्का कर दिया।
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