Egg and your health: यदि आप अंडा खाते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि अंडा ना ज्यादा कच्चा खाएं ना ही ज्यादा पका हुआ खाएं। कच्चा अंडा खाने का सबसे बड़ा खतरा साल्मोनेला इंफेक्शन का होता है. कई स्टडीज में यह बात सामने आई है कि अंडे के छिलके या अंदर मौजूद बैक्टीरिया से फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इससे बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं.
वहीं जरूरत से ज्यादा पकाना भी अंडे के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ज्यादा तेज आंच या ज्यादा देर तक पकाने से अंडे की बनावट खराब हो जाती है, स्वाद खत्म हो जाता है और कुछ जरूरी विटामिन भी नष्ट हो सकते हैं. ओवरकुक्ड अंडे अक्सर सूखे और बेस्वाद लगते हैं.
अंडे खाने के फायदे
दुनियाभर में ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत अंडे से करना पसंद करते हैं. अंडे सस्ते, आसानी से मिलने वाले और पोषण से भरपूर होते हैं, इसलिए इन्हें ब्रेकफास्ट का बेहतरीन विकल्प माना जाता है. स्वाद के साथ-साथ अंडे सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद हैं, लेकिन इनके सेवन को लेकर हमेशा बहस बनी रहती है.
कई लोग अंडे को सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं, तो कुछ लोग इसे प्रोटीन का बड़ा सोर्स मानते हैं. इसी बीच सवाल उठता है कि अंडा खाने का सबसे सुरक्षित और सही तरीका क्या है. खासकर कच्चा अंडा खाने को लेकर लोगों में काफी कन्फ्यूजन है, क्योंकि कुछ लोग इसे ताकत बढ़ाने से जोड़ते हैं.
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लोग मानते हैं कच्चे अंडे ज्यादा पोषण देते हैं
कई लोगों का मानना है कि कच्चे अंडे ज्यादा पोषण देते हैं, लेकिन सच इसके उलट है. कच्चे अंडे के सफेद हिस्से में मौजूद एविडिन नामक प्रोटीन शरीर में बायोटिन के एब्जॉर्ब को रोक देता है. अंडा पकाने से यह समस्या खत्म हो जाती है और शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाता है.
इसलिए अंडा पकाने में संतुलन बेहद जरूरी है. अंडे को इतना पकाना चाहिए कि उसका सफेद हिस्सा पूरी तरह सेट हो जाए, लेकिन पीला हिस्सा नरम या मीडियम रहे. सही तापमान और सही समय पर पकाए गए अंडे न सिर्फ सुरक्षित होते हैं, बल्कि स्वाद और पोषण दोनों में बेहतरीन रहते हैं.
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