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Ear Buds से बच्चों के कान साफ करना है खतरनाक

Ear buds

Health: पेरेंट्स होने के नाते बच्चों के कानों को साफ करने के आप Ear Buds का इस्तेमाल करते हैं तो रुक जाइए। रूई वाले Ear Buds से बच्चों के कान साफ करना उनके लिए हानिकारक होता है। बच्चों के कान वयस्कों की तुलना में कहीं अधिक सेंसिटिव और नाजुक होते हैं। ईयर बड्स कान की गंदगी को बाहर निकालने की बजाय अंदर धकेल देता है। इससे बच्चों के सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

कान का मैल अंदर की ओर धंस जाना – डॉक्टर बताते हैं कि जब पेरेंट्स बच्चों के कानों की सफाई Ear Buds से करते हैं तो कानों से गंदगी बाहर निकलने की बजाय वैक्स अंदर जाकर सख्त हो जाता है। इससे धीरे-धीरे कान बंद होने लगता है। लंबे समय तक लगातार कानों की सफाई के लिए Ear Buds का यूज करें तो इससे कानों के सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। यह बच्चों में बहुत आम समस्या है।

कान के इंफेक्शन का खतरा– डॉक्टर का कहना है कि छोटे बच्चों के कानों की सफाई के लिए बार-बार ईयर बड का यूज किया जाए तो इससे कान की अंदरूनी त्वचा छिल सकती है। जिससे बैक्टीरिया को शरीर के अंदर जाने का रास्ता मिल जाता है। इससे ओटाइटिस (म्ंत प्दमिबजपवद) हो सकता है। Ear Buds से कान साफ करने के बाद अगर आपके बच्चों को कान में दर्द, पस आना, बुखार या बच्चा बार-बार कान पकड़ने की समस्या हो रही है, तो ये ओटाइटिस का लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें।

कान के पर्दे को नुकसान– कान के ऊपरी हिस्से की Ear Buds से सफाई करना सुरक्षित होता है। लेकिन ईयर बड जरा-सा कान की गहराई में चला जाए तो इससे ईयर ड्रम फट सकता है। जिसके कारण बच्चों को कान में तेज दर्द, खून आना और अस्थायी तौर पर बहरापन देखने को मिल सकता है। छोटे बच्चों के मामले में यह खतरा और भी ज्यादा होता है क्योंकि वे अचानक हिल जाते हैं।

खुजली और जलन– कान की सफाई के लिए अगर बार-बार Ear Buds का इस्तेमाल किया जाए तो इससे कान की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। जिसके कारण कान की त्वचा ड्राई और बेजान हो जाती है। ड्राइनेस के कारण कान में खुजली और जलन की समस्या ज्यादा हो सकती है।

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कान में सूजन और लालिमा- बच्चों के कानों की सफाई के लिए ईयर बड्स का यूज करने से कान में सूजन और लालिमा की परेशानी होना भी आम है। ईयर बड से कानों की सफाई करने से ये माइक्रो-इंजरी पैदा करता है। इससे कानों में सूजन और रेडनेस बढ़ता है।

सुनने की क्षमता कमजोर– जब बच्चों के वैक्स अंदर जमा होता है तो आवाज मफल्ड सुनाई देती है। जिससे बच्चा बार-बार आवाज दोहराने को कहता है। इससे बच्चों की पढ़ाई और बोलने के विकास पर असर पड़ सकता है। बार-बार बच्चों के कानों को ईयर बड से साफ किया जाए तो ये सुनने की क्षमता तक को कमजोर कर देता है।

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बच्चों के कान कैसे साफ करें – पेरेंट्स को बच्चों के कान सिर्फ बाहर से साफ करने चाहिए।
कान में ड्रॉप डालकर भी सफाई की जाती है। जिसका यूज आप डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए।

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