Basant Panchami: भारत में हर त्योहार का अपना एक विशेष महत्व होता है, और बसंत पंचमी भी ऐसा ही पर्व है। यह माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और माता सरस्वती, जो विद्या और ज्ञान की देवी हैं, को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से माता सरस्वती का पूजन किया जाता है और मान्यता है कि इससे विद्या, ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है। इसे ‘श्री पंचमी’ या ‘ज्ञान पंचमी’ भी कहा जाता है और यह बंसत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
पीले रंग का महत्व
बसंत पंचमी पर चारों ओर पीला रंग छाया रहता है। लोग पीले कपड़े पहनते हैं और पीले फूलों का पूजन करते हैं। धार्मिक दृष्टि से पीला रंग शुद्धता, सादगी और ज्ञान का प्रतीक है। इसके अलावा, यह रंग मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है। माना जाता है कि मां सरस्वती को यह रंग विशेष रूप से प्रिय है।
साल 2026 में बसंत पंचमी की तिथि
साल 2026 में बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पंचमी तिथि 22 जनवरी की शाम 06:15 बजे से शुरू होकर 23 जनवरी की रात 08:30 बजे समाप्त होगी। इस दिन लोग पीले कपड़े पहनकर माता सरस्वती का पूजन करते हैं और बसंत ऋतु के आगमन का उत्सव मनाते हैं। पीला रंग नई फसल, खुशहाली और जीवन में शुभता का प्रतीक माना जाता है।



