Beldanga Violence: भाजपा नेता केया घोष ने बेलडांगा घटना पर कहा कि पश्चिम बंगाल में बेलडांगा में हिंदूओं पर जो अत्याचार हो रहा है, यह पश्चिम बंगाल सरकार की देन है. चुनाव आयोग द्वारा उनके(TMC) चहीते वोटर्स हैं, घुसपैठिए, रोहिंग्या वोटर्स उन्हें हटाया जा रहा है. इसलिए ऐसा किया जा रहा है. क्योंकि इन्हीं की बदौलत इतने सालों तक ममता बनर्जी की सरकार जीत रही है. पश्चिम बंगाल के लोग इसे(SIR) लेकर धन्यवाद जता रहे हैं. बेलडांगा की घटना को लेकर अभिषेक बनर्जी ने जो कहा है, उन्हें शायद जानकारी नहीं है कि कानून व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है. भाजपा की सरकार आएगी तो ये सब घटनाएं पश्चिम बंगाल में नहीं घटेगी.
झारखंड में प्रवासी मजदूर की मौत के बाद विवाद
बता दें कि पश्चिमी बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में पिछले दो दिनों से हिंसा जारी है. पुलिस अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इसमें से एक एआईएमआईएम का नेता भी है. पुलिस दावा कर रही है कि गिरफ्तार एआईएमआईएम नेता ही हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता है. उसके खिलाफ सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ और हमले के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. बेलडांगा में विवाद झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत के बाद शुरू हुआ है. मृतक के परिवार का आरोप है कि अलाउद्दीन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. बंगाली बोलने के कारण उसे बांग्लादेशी समझकर निशाना बनाया गया. वहीं झारखंड पुलिस ने शुरुआती जानकारी में इसे आत्महत्या का मामला बताया था.
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“जो घटना हुई वह बहुत दर्दनाक है”
मृतक अलाउद्दीन का शव जब बेलडांगा के गांव में पहुंचा तब स्थानीय लोग भड़क गए. गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान भीड़ हिंसक भी हुई, पत्थरबाजी भी हुई. मामले को लेकर राजनीति भी तेज होती जा रही है. रविवार (18 जनवरी) को TMC नेता यूसुफ पठान ने बेलडांगा घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार से मुलाकात की.
जिसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जो घटना हुई वह बहुत दर्दनाक है. ऐसी घटना न हो इसके लिए अभिषेक बनर्जी ने भी बात की है, मैंने भी इससे पहले पत्र लिखा था कि बेलडांगा, बहरामपुर के जितने भी प्रवासी मजदूर हैं जब वे बाहर जाते हैं तो उनके साथ गलत व्यवहार जो होता है वह न हो, यह बहुत दर्दनाक होता है जब भी ऐसा कोई हादसा होता है. हमारे जो प्रवासी मजदूर हैं सिर्फ दूसरे राज्य में जाकर काम नहीं करते बल्कि उस राज्य के विकास में भी काम करते हैं इसलिए इस तरह की घटनाएं बार-बार नहीं होनी चाहिए. अभी हालात ठीक हैं. यहां, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी ने पीड़ित परिवार के व्यक्ति को नौकरी देने को कहा है और जो बच्ची है उसकी शिक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा.



