Magh Mela 2026: प्रयागराज माघ मेले का आज तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज है. इसके लिए भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज संगम पर जुटे हैं. वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) ने मौनी अमावस्या पर स्नान से मना कर दिया. उन्होंने अपनी पालकी बीच रास्ते से अखाड़े में लौटा दी है. बताया जा रहा है कि जब वे अपनी पालकी से अखाड़े से निकलकर संगम नोज पर जा रहे थे, तभी उनके शिष्यों से यूपी सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता ने धक्कामुक्की शुरू कर दी. जिसके बाद बवाल मच गया और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया.
अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना किया
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मेरे शिष्यों से मारपीट हो रही है. अधिकारी मारने का इशारा कर रहे हैं. संगम तट पर शंकराचार्य के शिष्यों के साथ मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) अपनी पालकी में बैठकर संगम तट पर जा रहे थे. उनके साथ बड़ी संख्या में उनके शिष्य भी मौजूद थे. इसी दौरान यूपी सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता और कई पुलिसकर्मियों से उनके शिष्यों की बहस हो गई. शंकराचार्य के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई. जिसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया. वहीं मामले पर पुलिस का कहना है कि शंकराचार्य के शिष्यों को टुकड़ों में जाने के लिए कहा गया था क्योंकि भीड़ बहुत ज्यादा थी. ऐसे में व्यवस्था बिगड़ने का डर भी था.
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लगातार बढ़ रही है श्रद्धालुओं की संख्या
वहीं दूसरी तरफ मौनी अमावस्या पर संगम नगरी प्रयागराज (Magh Mela 2026) में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. रात 12 बजे के बाद से श्रद्धालु मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए संगम की तरफ बढ़ रहे हैं. भीड़ को संगम नोज पर नियंत्रित करने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान लगाए गए हैं. संगम नोज पर स्नान के बाद लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है. प्रशासन की ओर से मौनी अमावस्या पर 3 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आने का अनुमान है. स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और गोताखोर तैनात किए गए हैं. इसके अलावा मेले में पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो के साथ ही खुफिया एजेंसियां तैनात की गई हैं. चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है.



