Tehran: ईरान के विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका अपना दखल देने का अवसर खोज रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार (11 जनवरी) को Social सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ईरान को सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार से आजादी दिलाने में मदद करने के लिए तैयार है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन संभावित हमले की प्रारंभिक योजना बना रहा है. न्यूयॉर्क पोस्ट ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया कि अधिकारी ट्रंप द्वारा हाल ही में ईरान के खिलाफ दी गई धमकियों का जवाब देने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं. विचाराधीन विकल्पों में से एक ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हवाई हमले करना है.
पहले भी धमका चुके हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों की हत्याएं जारी न रखने की चेतावनी दी. उन्होंने ईरानी अधिकारियों को गोलीबारी न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा. उनकी यह टिप्पणी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर वाशिंगटन में बढ़ती चिंता के बाद आई है.
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हमले कर चुका है अमेरिका
अमेरिका ने पहले भी ईरान पर हमले किए हैं. जून में अमेरिकी सेना ने फोर्डाे परमाणु संवर्धन संयंत्र सहित 3 स्थलों पर कम से कम 6 बंकर-भेदी बम गिराए थे. यह संयंत्र एक पहाड़ के लगभग 300 फीट नीचे, जमीन के काफी अंदर स्थित हैं. ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी आलोचना की. उन्होंने ट्रंप के हाथ ईरानियों के खून से सने होने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.
ईरान में अधिकारियों ने देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई तेज कर दी है. अब तक कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को ईश्वर का शत्रु माना जाएगा, जिसके लिए मृत्युदंड दिया जा सकता है.
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