Kolkata : केन्द्र सरकार का ध्यान अब बंगाल को सौगात देने पर लगा है। बंगाल को स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी जा रही है। PM मोदी इसी माह इसका उद्घाटन करेंगे। स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद रेलवे ने इसके रूट का भी ऐलान कर दिया है.
रेल मंत्रालय के मुताबिक, देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहटी से कोलकाता के बीच चलेगी. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इसका उद्घाटन करेंगे. रेलमंत्री ने कहा कि साल 2026 रिफॉर्म का है. आने वाले दिनों में ऐसी ही और ट्रेनों की झलक भी दिखेगी.ऐसे में पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का तोहफा सरकार की ओर से बड़ी घोषणा है.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया निर्धारित
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी से कोलकाता का थर्ड एसी का किराया 2300 रुपये जबकि सेकंड ।ब् का किराया 3000 रुपये होगा. वहीं, फर्स्ट ।ब् का किराया 3600 रुपये होगा. जनवरी में ही होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी में ही देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन करेंगे. माना जा रहा है कि 17 या 18 जनवरी को उद्घाटन हो सकता है. रेलमंत्री ने बताया कि अगले 6 महीने में 8 और साल के आखिर में 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आएंगी. हाल ही में स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का भारतीय रेलवे ने अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया था. यह ट्रायल कोटादृनागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की. यह ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में हुआ था.
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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में है क्या ?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कुल 16 कोच की होगी. इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं.
ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे. यह एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है. इसमें यात्रियों के लिए आरामदायक और मुलायम बर्थ लगाए गए हैं, जिससे लंबा सफर आसान होगा. कोचों के बीच आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टीब्यूल की सुविधा है. बेहतर सस्पेंशन और कम शोर के कारण ट्रेन का सफर ज्यादा शांत और आरामदायक होगा. ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम मौजूद है, जिससे सुरक्षा और बढ़ जाती है. साफ-सफाई के लिए डिसइन्फेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम वाला एडवांस ड्राइवर केबिन दिया गया है. ट्रेन का बाहरी डिजाइन आकर्षक और एरोडायनामिक है और इसमें ऑटोमैटिक बाहरी दरवाजे भी हैं.



