झारखंड के चतरा जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी से जुड़े दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। कुंदा थाना क्षेत्र में हुई इस आपसी गोलीबारी में दो पूर्व नक्सलियों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
देर रात हुई भीषण गोलीबारी
घटना रविवार देर रात कुंदा थाना क्षेत्र के गेंद्रा गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, टीएसपीसी से जुड़े दो गुटों के बीच लंबे समय से वर्चस्व और आपसी मतभेद चल रहे थे, जो अचानक हिंसक झड़प में बदल गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पूर्व टॉप कमांडर समेत दो की मौत
इस गोलीबारी में मारे गए लोगों में टीएसपीसी का पूर्व टॉप कमांडर देवेंद्र गंझू शामिल है। पुलिस के मुताबिक, देवेंद्र गंझू पर अलग-अलग थानों में 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। दूसरे मृतक की पहचान चुरामन गंझू के रूप में हुई है।
एनआईए अभियुक्त समेत दो घायल
फायरिंग में श्याम भोक्ता उर्फ डीसी और उसका रिश्तेदार ब्रह्मदेव भोक्ता उर्फ गोपाल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों को पहले चतरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल रेफर किया गया। घायल श्याम भोक्ता एनआईए के मामलों में अभियुक्त बताया जा रहा है।
अवैध कारोबार बना विवाद की वजह?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह खूनी टकराव अफीम के अवैध कारोबार और पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ। बताया जा रहा है कि देवेंद्र गंझू अपने साथियों के साथ श्याम भोक्ता के घर पहुंचा था, जहां विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही चतरा पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया। चतरा के एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह आपसी झड़प का मामला है, जिसमें दो लोगों की मौत हुई है और दो घायल हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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