Hormuz Strait : ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान समेत मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है। एक न्यूज एजेंसी के हवाले से दी गई खबर के अनुसार मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट कॉन्सुलेट ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मित्र देशों को होर्मुज से गुजरने की छूट है। ईरान पहले भी कह चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है। यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ हैं। बाकी देशों को कुछ शर्तों के साथ गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
चीन का ऑयल आया तभी कीमतें कम होंगी
ईरान जंग के चलते दुनिया भर में तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं और विशेषज्ञ का मानना है कि अभी इसमें जल्दी राहत मिलना मुश्किल है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अर्थशास्त्री विलियम ली का कहना है कि तेल की कीमतों में असली राहत तभी मिल सकती है, जब चीन भी अपने भंडार से तेल बाजार में उतारे। माना जाता है कि चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन वह इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता और अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि वह अपने स्टॉक का इस्तेमाल करेगा।
अमेरिकी तेल का खास असर नहीं
विलियम ली का कहना है किअमेरिका ने अपने स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व से तेल निकालकर बाजार में डालना शुरू किया है, लेकिन इसका असर बहुत ज्यादा नहीं होगा। उनका कहना है कि यह कदम ज्यादा मनोवैज्ञानिक असर डालता है, यानी बाजार को थोड़ा शांत करता है, लेकिन असल में सप्लाई ज्यादा नहीं बढ़ती। उन्होंने बताया कि अमेरिका के पास करीब 415 मिलियन (41.5 करोड़) बैरल तेल का भंडार है, लेकिन इसे दुनिया के उन हिस्सों तक पहुंचाने में समय लगेगा, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस समय सबसे ज्यादा मांग एशिया में है, खासकर चीन को छोड़कर बाकी देशों में। ऐसे में अमेरिका से तेल भेजना आसान नहीं है और इसमें समय भी लगता है।
अमेरिका का फाइटर जेट मार गिराने का दावा
इससे पहले ईरान ने बुधवार रात दावा किया कि उसने अमेरिकी थ्/।-18 फाइटर जेट को मार गिराया, जो हिंद महासागर में क्रैश हो गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (प्त्ळब्) के मुताबिक, यह कार्रवाई देश के दक्षिणी तटीय इलाके के पास की गई। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को नहीं गिराया।
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होर्मुज स्ट्रेट खुलने से भारत को फायदे
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 % तेल इंपोर्ट करता है, जिसमें 55-60ः खाड़ी देशों से आता है। यहां होर्मुज एक अहम चोक पॉइंट है। भारत हर दिन लगभग 50 लाख बैरल तेल इस्तेमाल करता है। होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा तो यह सप्लाई बिना रुकावट आती रहेगी। जंग की वजह से तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई। रास्ता खुलने से कीमतें स्थिर रहेंगी। तनाव के समय जहाजों का इंश्योरेंस 2-3 गुना तक बढ़ गया था। अब रास्ता सुरक्षित होने से ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी। मिडिल ईस्ट से भारत आने वाले जहाज अब लगभग 5 से 10 दिनों में पहुंच सकते हैं।
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