Meta Action: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कंपनी Meta ने बड़ा एक्शन लेते हुए करीब डेढ लाख लोगों के अकाउंट को बंद कर दिया है। दरअसल Meta ने अपने प्लेटफॉर्म पर चल रहे बड़े ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए डेढ़ लाख से ज्यादा अकाउंट्स को बंद किया है। यह कार्रवाई खासतौर पर दक्षिण-पूर्व एशिया से संचालित हो रहे ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए की गई है. कंपनी का कहना है कि यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह लगातार ऐसे फर्जी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. इस पूरे ऑपरेशन के दौरान करीब 21 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.
ऑनलाइन ठगी से बचाव
दरअसल पिछले कुछ समय से ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही थी. इसी को देखते हुए कई देशों की एजेंसियों ने मिलकर एक बड़ा अभियान शुरू किया. लगभग एक सप्ताह तक चले इस संयुक्त ऑपरेशन के बाद हजारों नहीं बल्कि लाखों संदिग्ध अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. इस कार्रवाई में Meta के साथ थाईलैंड की साइबर अपराध से निपटने वाली एजेंसी Royal Thai Police Anti-Cyber Scam Center, अमेरिका की जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation और United States Department of Justice समेत कई अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर काम किया. कंपनी के अनुसार साइबर अपराध केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाते, बल्कि लोगों के मानसिक जीवन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भरोसे को भी प्रभावित करते हैं. ठगी करने वाले ये गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करते हैं और ऐसी रणनीति अपनाते हैं जिससे आम लोगों को उनकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है.
कई बड़े स्कैम सेंटरों से जुड़े अकाउंट्स को हटाया
Meta ने बताया कि कार्रवाई के दौरान खास तौर पर कंबोडिया, म्यांमार और लाओस में संचालित कई बड़े स्कैम सेंटरों से जुड़े अकाउंट्स को हटाया गया है. इन जगहों पर काम करने वाले नेटवर्क किसी कंपनी की तरह संगठित होते हैं जहां कर्मचारियों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय होती हैं. लोगों को फंसाने के लिए पहले से स्क्रिप्ट तैयार रहती है, टारगेट पूरे करने का दबाव होता है और पकड़े जाने से बचने के लिए खास सिस्टम भी बनाए जाते हैं. इन साइबर गिरोहों ने दुनिया के कई हिस्सों में लोगों को अपना शिकार बनाया है. खासकर अमेरिका, ब्रिटेन और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के नागरिक इन धोखाधड़ी के मामलों से प्रभावित हुए हैं.
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कंपनी का कहना है कि ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने की कोशिश लगातार जारी है. टेक कंपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है ताकि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सभी यूजर्स के लिए सुरक्षित बनाया जा सके. कंपनी का कहना है कि ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने की कोशिश लगातार जारी है. टेक कंपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है ताकि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सभी यूजर्स के लिए सुरक्षित बनाया जा सके.
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