Laptop : काम करते करते आपका लैपटॉप गर्म हो जाता है और फिर बार बार बंद भी होने लगता है। असल में धूल जमा होना, भारी सॉफ्टवेयर चलाना, लंबे समय तक गेमिंग करना और गलत जगह पर लैपटॉप इस्तेमाल करना ओवरहीटिंग की सबसे आम वजहें मानी जाती हैं। लैपटॉप के अंदर प्रोसेसर, ग्राफिक्स चिप और बैटरी लगातार काम करते हैं, जिससे गर्मी पैदा होती है। आमतौर पर फैन और एयर वेंट इस गर्मी को बाहर निकालते हैं, लेकिन जब एयरफ्लो बाधित हो जाए या सिस्टम पर जरूरत से ज्यादा दबाव हो, तो तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। फिर यह भी काम करना बंद कर सकते हैं।
बिस्तर या तकिये पर लैपटॉप चलाना
कई लोग आराम से काम करने के लिए लैपटॉप कोस बिस्तर, तकिए या कंबल पर रख लेते हैं। इससे नीचे मौजूद एयर वेंट बंद हो जाते हैं और गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती। नतीजा यह होता है कि सिस्टम का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि लैपटॉप हमेशा किसी सख्त और सपाट सतह पर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
गेमिंग और एडिटिंग करते हैं तो इसका करें इस्तेमाल
अगर आप हाई-ग्राफिक्स गेम खेलते हैं, वीडियो एडिटिंग करते हैं या भारी सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं, तो कूलिंग पैड काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके लिए कूलिंग पैड लैपटॉप के नीचे से अतिरिक्त ठंडी हवा पहुंचाता है, जिससे तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और सिस्टम पर दबाव कम होता है।
फैन और एयर वेंट की सफाई क्यों जरूरी है?
लैपटॉप के फैन और वेंट्स में समय के साथ धूल जमा होने लगती है। इससे एयरफ्लो प्रभावित होता है और कूलिंग सिस्टम ठीक तरह से काम नहीं कर पाता। टेक्निकल एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हर 2 से 3 महीने में फैन और एयर वेंट की सफाई जरूर करानी चाहिए। इससे लैपटॉप की कूलिंग क्षमता बेहतर बनी रहती है।
एक साथ बहुत सारे एप्स खोलना भी नुकसानदायक
कई लोग एक साथ दर्जनों ब्राउजर टैब, सॉफ्टवेयर और बैकग्राउंड एप्स खोलकर काम करते हैं। इससे प्रोसेसर और रैम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सिस्टम ज्यादा गर्म होने लगता है। इसलिए जिन एप्स और टैब का इस्तेमाल न हो, उसे बंद कर दें। इससे न केवल कम हीटिंग होगी, बल्कि परफॉर्मेंस भी बेहतर रह सकती है।
Power Saver Mode कैसे मदद करता है?
विंडोज लैपटॉप में पावर सेवर या बैलेंस्ड मोड मौजूद होता है, जो बैटरी और प्रोसेसर के उपयोग को संतुलित रखता है। इससे सिस्टम को जरूरत से ज्यादा पावर इस्तेमाल नहीं करनी पड़ती और तापमान सामान्य रहता है। अगर लैपटॉप सामान्य काम के लिए इस्तेमाल हो रहा है, तो बैलेंस्ड मोड सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
कब सर्विस करवाने की जरूरत है?
अगर लैपटॉप बिना ज्यादा काम के भी बहुत गर्म हो रहा है, बार-बार बंद हो रहा है या उसकी परफॉर्मेंस अचानक गिर गई है, तो तुरंत सर्विसिंग करा लेना एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
चार्जिंग के दौरान ये गलती पड़ सकती है भारी
कई यूजर्स लैपटॉप को चार्जिंग पर लगाकर घंटों गेमिंग या भारी काम करते रहते हैं। इससे बैटरी और प्रोसेसर दोनों पर दबाव बढ़ता है और हीटिंग ज्यादा होने लगती है। एक्सपर्ट्स केअनुसार, जहां संभव हो बैटरी को 40 से 80 प्रतिशत के बीच बनाए रखना बेहतर माना जाता है। साथ ही पुराने लैपटॉप में थर्मल पेस्ट सूख जाने से भी हीटिंग बढ़ सकती है, इसलिए समय-समय पर इसकी जांच जरूरी है।
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