Naresh Meena: राजस्थान के टोंक जिले में देवली-उनियारा में उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा की मुश्किलें फिर बढ़ने वाली हैं. हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत रद्द होने के बाद एससी-एसटी कोर्ट ने उन्हें 6 अगस्त तक गिरफ्तार करने का समय दिया है. इसके साथ ही कोर्ट के आदेश पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने उनकी चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा है. इस रिकॉर्ड को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
नगरफोर्ट थाना प्रभारी राजेंद्र ताड़ा ने बताया कि नरेश मीणा को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी वो 13 जुलाई को रद्द हो गई थी. कोर्ट ने नरेश मीणा को गिरफ्तार करने के लिए 6 अगस्त तक का समय दिया है. एससी-एसटी कोर्ट ने नरेश मीणा की चल-अचल संपत्ति की जानकारी देने का भी आदेश दिया है. इसके लिए उनकी ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता, तहसील मोठपुर (जिला बारां) के सरपंच (प्रशासन) को पत्र भी भेजा गया है. पत्र में थाने में दर्ज मुकदमे का हवाला देते हुए नरेश मीणा की संपत्ति का रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि उसे कोर्ट में पेश किया जा सके.
क्यों रद्द हुई जमानत?
बता दें कि 25 जुलाई को झालावाड़ के पिपलोदी के सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद नरेश मीणा एसआरजी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसे हाईकोर्ट की जमानत की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए SC/ST कोर्ट में जमानत रद्द करने की अर्जी दी. कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी. जज आरती माहेश्वरी ने माना कि हाईकोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद नरेश मीणा ने उन शर्तों का पालन नहीं किया.
नरेश मीणा ने SDM को मारा था थप्पड़
पूरा मामला 13 नवंबर 2024 का है. देवली-उनियारा सीट पर उपचुनाव के दौरान समरावता गांव के लोगों ने गांव को उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था. इस दौरान ग्रामीणों के साथ नरेश मीणा धरने पर बैठ गए थे. आरोप है कि जबरन 3 लोगों से मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था. अगले दिन पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस पूरे मामले में 60 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. नरेश मीणा को छोड़कर सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है.
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