पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद से जुड़े विवाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सस्पेंडेड MLA हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे और मस्जिद की नींव वाली जगह पर नमाज अदा की गई। उनके अनुसार, हजारों की भीड़ मौजूद थी और नमाज के बाद लोगों के लिए खिचड़ी का इंतजाम भी किया गया था।
नमाज से पहले और बाद में इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच हुमायूं कबीर खुद भी लोगों के साथ नमाज में शामिल हुए और बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। उनका कहना है कि मस्जिद का निर्माण भावनाओं और आस्था से जुड़ा मुद्दा है और इसे पूरा करना उनकी प्राथमिकता है।
नकली क्यूआर कोड को लेकर नए आरोप
बाबरी मस्जिद निर्माण के नाम पर बनाए गए ट्रस्ट में अब तक लगभग 4 करोड़ रुपये जमा होने की बात सामने आ चुकी है। इसी बीच ट्रस्ट से जुड़े क्यूआर कोड को लेकर गंभीर आरोप उठे हैं। दावा है कि पिछले कुछ दिनों से फर्जी क्यूआर कोड के माध्यम से फंड इकट्ठा करने की कोशिश की जा रही है। इस प्रकरण को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
MLA की सुरक्षा को लेकर भी विवाद
हाल ही में हुमायूं कबीर ने कहा था कि उनकी सुरक्षा के लिए हैदराबाद से प्रशिक्षित गार्ड तैनात किए जाएंगे। लेकिन शुक्रवार को उनके साथ चार सुरक्षा कर्मी ही दिखे, जो स्थानीय निकले। मामले की जानकारी के बाद हुमायूं ने सभी सुरक्षा कर्मियों को हटा दिया। उनका आरोप है कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने और उनके अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
सऊदी अरब के धर्मगुरुओं को लेकर भी विवाद
मस्जिद की नींव रखते समय दो व्यक्तियों को सऊदी अरब के धार्मिक प्रतिनिधि बताया गया था, लेकिन बाद में वे स्थानीय निवासी निकले। इस पर हुमायूं कबीर का कहना है कि यह सब उनके खिलाफ रची जा रही साजिशों का हिस्सा है। उनका दावा है कि साजिश के पीछे कुछ स्थानीय राजनीतिक समूह हैं, जिनकी पहचान समय आने पर सामने लाई जाएगी।



