SMS Hospital: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह (SMS Hospital) अस्पताल में मरीजों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला प्रशासन की लापरवाही का है, जहां CSR फंड से 50 लाख रुपये की लागत से बनी नई लिफ्ट काम पूरा होने के करीब एक महीने बाद भी चालू नहीं की गई है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जो ट्रॉली पर लेटे-लेटे रैंप के सहारे चौथी मंजिल तक पहुंचाए जा रहे हैं।SMS अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में 12 नंबर हॉल (सीटी-एमआरआई सेंटर के पास) के पास स्थित यह लिफ्ट प्लास्टिक सर्जरी, रूमेटोलॉजी और जनरल मेडिसिन के कुल 9 वार्डों तक मरीजों को पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है।पुरानी लिफ्ट करीब डेढ़ साल से खराब पड़ी थी, जिसके कारण मरीजों को रैंप का सहारा लेना पड़ रहा था।
6 महीने चले काम के बाद भी उद्घाटन का इंतजार
किसी निजी संस्था के CSR फंड से मिले 50 लाख रुपये से नई लिफ्ट लगाने का काम शुरू हुआ था। यह कार्य करीब 6 महीने तक चला और पूरा हो चुका है। लेकिन PWD विभाग के अधिकारी इसे चालू करने में टालमटोल कर रहे हैं। वजह बता रहे हैं – वार्षिक रखरखाव कॉन्ट्रेक्ट (AMC) का टेंडर नहीं होना और किसी जनप्रतिनिधि से फीता काटकर उद्घाटन कराना।अस्पताल (SMS Hospital)के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. आलोक तिवाड़ी (PWD MOIC) ने कहा, “लिफ्ट पूरी तरह तैयार है। AMC की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही यह पूरी हो जाएगी, किसी जनप्रतिनिधि से उद्घाटन करवाकर इसे शुरू करवा दिया जाएगा।
“मरीजों की बढ़ती मुसीबत
इस देरी से सबसे ज्यादा परेशानी गंभीर मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। रैंप से ट्रॉली ले जाना जोखिम भरा होता है, खासकर इमरजेंसी केस में ये खतरनाक हो जाता है। मरीजों के परिजन प्रशासन की इस उदासीनता से नाराज हैं और जल्द लिफ्ट चालू करने की मांग कर रहे हैं।अस्पताल (SMS Hospital) पहले भी सर्वर डाउन, बिजली कटौती और अन्य सुविधाओं की कमी जैसे मामलों में सुर्खियां बटोर चुका है। प्रशासन से उम्मीद है कि मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस लिफ्ट को जल्द शुरू किया जाए।



