Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शनिवार को जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान टीकाराम जूली ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया. इस दौरान जूली ने दावा किया कि राजस्थान में हमारी सरकार बनेगी तो ऐसा फूल प्रूफ इंतजाम करेंगे कि पेपर लीक करने वालों की रूह तक कांप जाएगी. पेपर माफिया भी तीन बार सोचेंगे कि पेपर लीक करें या नहीं करें. अपने संबोधन के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अफगानिस्तान में तख्तापलट हो गया, नेपाल में तख्तापलट हो गया, बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया, श्रीलंका में तख्तापलट हो गया, लेकिन हमारे हिंदुस्तान में ऐसी नौबत क्यों नहीं आई? क्योंकि इस देश का जो संविधान है, इस संविधान के जो रचयिता हैं, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिनको हम याद कर रहे हैं.उन्होंने किन परिस्थितियों में आज से 100 साल पहले जब उन्होंने पढ़ाई की, उनका वह संघर्ष अगर हम आज के मुकाबले देखेंगे, तो वह हमसे लाख गुना बड़ा था.
“यह संविधान पर हमला है”
टीकाराम जूली ने आगे कहा कि आज हमारे पास बाबा साहब का दिया हुआ संविधान तो है, लेकिन हम चाहते हैं कि हमें कुछ नहीं करना पड़े. भगत सिंह तो पैदा हो जाएं, लेकिन दूसरों के घरों में. आज संविधान के अंदर अगर हम बात करें, जैसे कि मेरे एक युवा साथी ने पूछा था कि 5 साल में चुनाव नहीं हो रहे हैं, तो संविधान कहता है, लोकतंत्र कहता है और नियम है कि 5 साल में चुनाव होने चाहिए तथा छह माह के अंदर उपचुनाव होने चाहिए. भरतपुर के उपचुनाव को ढाई वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है. न भाजपा उपचुनाव करवा पा रही है, न पंचायती राज और नगर निकायों के चुनाव करवा पा रही है. यह संविधान पर हमला है. आज पंचायतों की हालत तो यह हो गई है कि जो प्रशासक बना दिए गए हैं, वे हस्ताक्षर कर सकते हैं, लेकिन उनके पास पैसा नहीं है. इस बरसात में यदि आप कहें कि साहब, मेरा रास्ता खराब है एक ट्रॉली मिट्टी डलवा दो, तो उन सरपंचों और प्रशासकों की उतनी हैसियत नहीं बची है कि वे उस खराब रास्ते पर एक ट्रॉली मिट्टी डलवा सकें, क्योंकि सरकार ने उनके हाथ बांध रखे हैं. चुनाव होते तो नए लोगों को मौका मिलता, बजट मिलता, वे काम करते, लेकिन भाजपा ऐसा नहीं चाहती. यह संविधान पर हमला है.
“यह लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यसभा के सांसद विधायकों द्वारा चुने जाते हैं. आप देखिए, पंजाब के अंदर जितने भाजपा के विधायक नहीं हैं, उनसे ज्यादा भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं. संविधान में कहां लिखा है, लोकतंत्र में कहां लिखा है कि चुनने वाले ज्यादा हैं और जिन्होंने चुनकर भेजा गया है वे कम है, इस बात को हमें समझना पड़ेगा. आरटीआई है, आरटीआई के अन्दर जितने भी मामले हैं, उनकी जानकारी एक आम आदमी भी ले सकता था. यह अधिकार डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने दिया था कि बड़े-बड़े घोटाले खोलने के लिए आरटीआई लगाओ और इसकी नकल निकलवाओ. राम मंदिर का जो मामला है, जो जमीन है, उसके अंदर जिन्हें बेचा गया, वह आरटीआई से बाहर कर दी गई है. पीएम केयर्स फंड आपको पता ही नहीं होगा कि कितने हजारों करोड़ रुपये प्रधानमंत्री सहायता कोष के अंदर आ रहे हैं. उसको न आप राज्यसभा के अंदर पूछ सकते हो, न लोकसभा के अंदर पूछ सकते हो और न ही आरटीआई लगाकर पूछा जा सकता है कि वह पैसा कहां से आया और कहां गया. इस बात को हम लोगों को समझना पड़ेगा. आज ये जो हालात पैदा कर रहे हैं, अभी चुनाव आयोग जिस प्रकार से गड़बड़ी कर रहा है, अब नियम बना रहे हैं कि पुरानी वीडियो फुटेज नहीं देंगे, उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा. चुनाव आयोग पर कोई मुकदमा नहीं चलाया जाएगा, उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी. आखिर क्यों? यह लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है.
“आप सोचते हैं कांग्रेस अच्छी है, भाजपा अच्छी है”
उन्होंने कहा कि आज हमारा जो लोकतंत्र है, उसमें आप लोग वोट डालकर चुनकर भेजते हो. आज हम सब लोग जो मंच पर बैठे हैं, वे चुनकर आए हैं, आप लोगों के वोट से चुनकर आए हैं. लेकिन आप हमें चुनकर भेजते हैं और कल ही कोई दूसरी पार्टी में शामिल. कई तो पार्टियां ही, बाला साहेब ठाकरे जिन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना बनाई, वो शिवसेना अब उनकी नहीं है. दूसरा आदमी ही शिवसेना लेकर चला गया कि शिवसेना तो मेरी है, और यह निशान मेरा है और ये इतने विधायक भी मेरे हैं. तृणमूल कांग्रेस कल तक भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़कर जो लोग जीते और वो उस पार्टी में शामिल हो गए. जो पार्टी कहती थी कि दल-बदल कानून बने, उसके 58 विधायक हो गए, एक विधायक और चला गया, अब 59 विधायक हो गए जो दल-बदल के विरोध में बनी थी. यह एक विचारधारा की बात है. आप लोग वोट डालते हैं, आप सोचते हैं कांग्रेस अच्छी है, भाजपा अच्छी है. वह बात सोचकर ही तो वोट डालते हो और जिन लोगों को आप चुनकर भेजो चोर, उचक्का, डकैत, बदमाश, जो कुछ भी हो, जिन पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाए हों तो भाजपा उनको तुरंत ले लेती है.



