Kota Hospital Deaths:कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की बिगड़ती हालत का मामला अब गंभीर होता जा रहा है. दो महिलाओं की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने एक्स पर पोस्ट कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि कोटा के सरकारी अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ना और उनमें से दो की मृत्यु होना तथा अन्य चार की हालत गंभीर होना बहुत दुखद एवं चिंताजनक है. जैसी जानकारी सामने आ रही है, उससे प्रतीत होता है कि अस्पताल में अव्यवस्था और लापरवाही के कारण प्रसूताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और गंभीर संक्रमण का खतरा उनकी जान पर बन आया है.

“पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए”
पोस्ट में आगे लिखा कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, जिम्मेदारों की लापरवाही तय हो और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता एवं प्रभावित महिलाओं को बेहतर उपचार की व्यवस्था उपलब्ध करवाए.
प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल स्थिति में हैं, अस्पतालों में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का खामियाजा मरीजों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है. स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लगातार अनियमितताएं और खामियां सामने आने के बावजूद राज्य सरकार उनमें सुधार लाने की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी है.
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2 महिलाओं की हो चुकी है मौत
बता दें कि कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के गायनिक वार्ड में 4 मई को सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी. 28 वर्षीय पायल की 5 मई को मौत हो गई थी. गुरुवार को ज्योति नाम की महिला ने दम तोड़ दिया था. सरकारी अमला पिछले दो दिनों से मौत के कारणों की जांच में जुटा है. जयपुर में 4 सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी कोटा पहुंची है. 48 घंटे बीत जाने के बाद भी प्राथमिक तौर पर इन महिलाओं की मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है.



