Former Sarpanch Sardar Rao Murder: सीकर की सेशन कोर्ट ने करीब 9 साल पुराने पूर्व सरपंच सरदार राव हत्याकांड में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को बरी कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी यतेंद्र को भी पुख्ता सबूत न मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया। इस मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि छह आरोपियों को 10-10 साल की जेल की सजा दी गई है। यानी केस में कुछ को सख्त सजा मिली, तो कुछ को राहत भी मिली।
2017 की वारदात से मचा था बवाल
यह मामला 23 अगस्त 2017 का है, जब पूर्व सरपंच सरदार राव (Former Sarpanch Sardar Rao Murder Case) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद सीकर ही नहीं, पूरे राजस्थान में तनाव का माहौल बन गया था। कोर्ट की सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ। अभियोजन पक्ष ने 76 गवाह और 235 दस्तावेज कोर्ट में रखे, लेकिन लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं हो पाए। अदालत ने साफ कहा कि पुख्ता सबूतों के अभाव में किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, इसी आधार पर लॉरेंस बिश्नोई को बरी करने का फैसला सुनाया गया।
अब आगे क्या?
इस फैसले के साथ ही करीब नौ साल पुराना यह मामला एक अहम कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि कुछ आरोपियों को सजा मिली है, लेकिन लॉरेंस बिश्नोई के बरी होने से केस को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दी जाएगी या नहीं।



