Eid-ul-Fitr 2026:ईद-उल-फितर पर आज(21 मार्च) राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में अमन चैन की दुआ मांग गई. लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी. वहीं जयपुर, अजमेर, सीकर समेत कई जिलों में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की गई. कई मस्जिदों पर काले झंडे भी लगाए गए थे. ईरान का सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के विरोध में शिया समुदाय के लोगों ने नए कपड़े भी नहीं पहने. इसके अलावा घरों में बनने वाले पारंपरिक भोजन खीर, सेवइयां भी नहीं बनाई गईं. जयपुर में नमाज के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. ईदगाह, चक शिया जामा मस्जिद, चौक जामा मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया था. पुलिस की टीमों ने ड्रोन से निगरानी की. कई जगहों पर शनिवार को फ्लैग मार्च भी निकाला गया था.
हिंदू समुदाय के लोगों ने नमाजियों पर बरसाएं फूल
जयपुर में शिया समुदाय ने ईद की नमाज काली पट्टी बांधकर अदा की. बाजू पर काली पट्टी बांधकर लोग मस्जिद पहुंचे. शिया मुसलमानों ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वे इस ईद पर खुशियां न मनाएं. जिसकी बाद पुलिस ने शिया समुदाय के संभावित विरोध प्रदर्शन को लेकर विशेष निगरानी रखी है. जयपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता समिति के तहत हिंदू समुदाय के लोगों ने ईद-उल-फितर पर जयपुर में ईदगाह पर नमाज़ पढ़ने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों पर फूल बरसाए. इस दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता समिति के सदस्य राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि सभी को ईद मुबारक. हमारे बीच हमेशा भाईचारा बना रहे. कुछ लोग मतभेद पैदा करना चाहते हैं, और यह गलत है. राम के बिना रमजान नहीं होता और ईद के बिना दिवाली न होती है. हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हम एक हैं. जयपुर के आदर्श नगर के विधायक रफीक खान ने कहा कि अमेरिका ने ज्यादती कर रखी है. पूरी दुनिया में शांति बहाल हो, इसके लिए दुआ मांगी गई.
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अजमेर में जन्नती दरवाजा खोला गया
जमेर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आज शनिवार को सुबह 8 बजे नमाज अदा की गई. मुख्य नमाज कैसरगंज स्थित ईदगाह में हुई. ईद के मौक पर दरगाह में जन्नती दरवाजा खोला गया.जन्नती दरवाजा खोलने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से जियारत के लिए आए जायरीन जन्नती दरवाजे से जियारत के लिए जा रहे हैं. यह दरवाजा आधे दिन के लिए खोला गया है.



