Dhirendra Shastri : प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हाल ही में उठे विवाद ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। शंकराचार्य के स्नान को लेकर आरोप और अनशन की खबरें सोशल मीडिया और न्यूज़ में छाईं हुई हैं। इसी बीच, प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस मामले पर अहम बयान दिया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें इस विवाद की जानकारी मुख्य रूप से न्यूज और सोशल मीडिया से मिली है, लेकिन वह पूरी तरह से मामले में शामिल नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस विवाद के कारण सनातन धर्म का मजाक नहीं उड़ना चाहिए। दोनों पक्षों को संयम बरतना चाहिए और आपसी मतभेदों को सार्वजनिक मंच पर इस तरह नहीं लाना चाहिए कि सनातन धर्म की छवि को ठेस पहुंचे।
दोनों पक्षों को टकराव से बचना चाहिए
धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने कहा, “शंकराचार्य हों या सरकार, दोनों ही सनातन परंपरा से जुड़े हुए हैं। दोनों अपने हैं, इसलिए टकराव से कोई फायदा नहीं होगा। विवाद को बढ़ाना केवल धर्म की छवि को नुकसान पहुंचाएगा। समझदारी और संयम ही समाधान का रास्ता है।” उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक मंच पर कटु बयानबाजी या आरोप-प्रत्यारोप से स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए बातचीत और सौहार्द से काम लेना सबसे सही है।
कोटा कोचिंग सेंटर की भविष्यवाणी: जल्द लौटेगी रौनक
धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने कोटा कोचिंग सेंटर के भविष्य के बारे में भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि हाल के समय में कोटा थोड़ी नीरसता का सामना कर रहा है, लेकिन यह अस्थायी है। शास्त्री जी के अनुसार, जल्द ही कोटा फिर से शिक्षा का गढ़ बन जाएगा। हजारों स्टूडेंट्स वापस आएंगे, शहर में रौनक लौटेगी और कोटा एक बार फिर देश की शिक्षा की राजधानी बनेगा।



