LPG Cylinder Crisis: LPG सिलेंडर की कमी पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि यह खाड़ी में चल रहे युद्ध का एक बहुत ही स्वाभाविक नतीजा है. भारत सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और सोचना चाहिए कि इसके दूसरे साधन क्या हो सकते हैं. हम 83% तेल और ईंधन आयात करते हैं. कई शहरों से खबरें आ रही हैं कि कमी है. सरकार ने कटौती की है, इसलिए इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा. सदन का सत्र चल रहा है. सरकार को सदन को बताना चाहिए कि हमने यह प्रावधान किया है, हमने इस बारे में यह सोचा है. ईरान-अमेरिका युद्ध जो चल रहा है, उसमें सरकार को बताना चाहिए कि उनका रवैया क्या है, उनका स्टैंड क्या है, वे क्या एक्शन लेंगे. खाड़ी में लाखों लोग रहते हैं, उनकी जान-माल की सुरक्षा कैसे होगी, वे कैसे वापस आएंगे, अगर अभी नहीं, तो हम अपने द्विपक्षीय रिश्तों का इस्तेमाल कब करेंगे. सरकार को सदन में इस बारे में बात करनी चाहिए.
“सरकार जवाब देने से बचती है”
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली (Tikaram Julie) ने कहा कि अभी के समय जो विषय है वह कमर्शियल और LPG सिलेंडर के बढ़े हुए रेट हैं और फिर भी बिना बताए कटौती, बैन और कोई ऑर्डर नहीं. राजस्थान, जो एक बड़ा पर्यटन केंद्र है, वहां कल से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकी हुई है. आपने दो दिन पहले रेट लगभग 120 रुपये बढ़ाए, और अब बिना ऑर्डर के सप्लाई रोक दी है. तो आप आपातकाल जैसे हालात क्यों बनाने की कोशिश कर रहे हैं? पूरी जनता सरकार की तरफ देख रही है. आज, वे कच्चे तेल की बात कर रहे हैं. कांग्रेस के राज में कच्चे तेल के दाम लगभग 125 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गए थे. हमने जनता को सस्ता तेल दिया. अगर आप इसकी तुलना अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार से करें, तो जब रेट कम होते हैं, तो जनता को भी इसका फायदा मिलना चाहिए। हमने यह मुद्दा उठाया, लेकिन सरकार जवाब देने से बचती है.
यह भी पढ़ें: प्रदेश भर में गैस सप्लाई का संकट, कालाबाज़ारी ज़ोरों पर, अलवर में गैस एजेंसी पर हंगामा
“विदेश नीति फेल हो रही है”
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने कहा कि युद्ध की वजह से हमारी विदेश नीति फेल हो रही है और हमारे पीएम अमेरिका के सामने सरेंडर हो चुके हैं. राजस्थान में घरेलू गैस की सप्लाई बंद कर दी गई तो जो शादी और कई कार्यक्रम में जो लोग बुकिंग कर रखे हैं और लोगों के पैसे लग चुके हैं पूरी तरीके सरकार सो गई है सरकार ध्यान बिल्कुल नहीं दे रही है. पीएम मोदी और यहां के मुख्यमंत्री दोनों ही इस मामले में कुछ नहीं कर रहे हैं.



