राजस्थान में विधायक निधि में कथित भ्रष्टाचार के मामले ने राज्य की राजनीति की गरमाती जा रही है. इसी बीच बयाना से निर्दलीय विधायक रितु बनावत ने अपने ऊपर लगे कमीशनखोरी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है. KBP Times से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश है और उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
“विधायक निधि का बजट खत्म हो चुका था” रितु बनावत ने आगे बताया कि एक व्यक्ति उनके घर आया, जिसने खुद को पत्रकार बताया और बार-बार विधायक निधि से जुड़े काम देने का दबाव बनाया. उन्होंने साफ कहा कि विधायक निधि का बजट खत्म हो चुका था और फिलहाल कोई नया काम देना संभव नहीं था, इसके बावजूद उस व्यक्ति द्वारा लगातार लेटर देने की मांग की जाती रही. उस व्यक्ति ने बाद में उनके पति से भी बातचीत की और 30-40 प्रतिशत कमीशन देने जैसी बात कही, जिसे उनके पति ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया.
“बातचीत का सीक्वेंस बदलकर गलत तरीके से पेश किया” विधायक ने कहा कि वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि पैसे लेने से इनकार किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि “यह यहां नहीं चलता. उनके घर में कोई सीक्रेट कमरा नहीं है और बातचीत उसी हॉल में हुई, जहां आमतौर पर जनसुनवाई होती है और जहां स्टाफ व अन्य लोगों की आवाजाही बनी रहती है. बनावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि वीडियो को एडिट कर, बातचीत के सीक्वेंस बदलकर उसे गलत तरीके से पेश किया गया है.
“न कभी कमीशनखोरी की, न ही आगे कभी करेंगी” रितु बनावत ने यह भी कहा कि संबंधित अखबार और व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने नोटिस भेजने और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही. विधायक ने सवाल उठाया कि विधानसभा में 200 विधायक हैं, फिर उन्हें ही क्यों टारगेट किया गया. उन्होंने इसे बड़ी साजिश करार देते हुए कहा कि यह भी जांच का विषय है कि वह व्यक्ति किसके कहने पर उनके पास आया. विधायक का कहना है कि उन्होंने न कभी कमीशनखोरी की है और न ही आगे कभी करेंगी. उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आएगी और वे इस पूरे मामले से और मजबूत होकर बाहर आएंगी.



