ATS Action: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक गन स्टोर से आर्मी और पुलिस के उपयोग में आने वाले कारतूस मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। जानकारी के अनुसार एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) के इनपुट पर पुलिस ने बडी चौपड स्थित शिकार गन स्टोर पर पुलिस ने छापेमारी की थी। इसके बाद गन स्टोर के मालिक मोहम्मद जहीरुद्दीन के घर भी पुलिस की टीम ने छापा मारा। इस कार्रवाई में बिना लाइसेंस की राइफल और प्रतिबंधित हथियारों के कारतूस मिले हैं।
रिकॉर्ड में गड़बड़
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार (ATS) जांच में सामने आया है कि संचालक ने रिकॉर्ड में भी गड़बड़ की है। पुलिस ने रामगंज थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को शक है कि जोधपुर में पकड़े गए हेड कॉन्स्टेबल और एलडीसी के हथियारों की खरीद-फरोख्त केस का शिकार गन स्टोर से कनेक्शन हो सकता है। पुलिस को शक है कि शिकार स्टोर के संचालक ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर रखी है। इस लिहाज से पूरे रिकॉर्ड को सीज कर जांच तेज कर दी गई है। ATS पुलिस कुछ हथियारों की एफएसएल जांच भी करा सकती है। पुलिस को अंदेशा है कि पुरानी गन रखकर उस पर नई गन के नंबर पिनअप किए गए है। इसके बाद नई गन को बेच दिया गया था। अब पुलिस सभी हथियारों के बारे में जांच कर रही है कि क्या पहले भी अवैध तरीके से हथियारों की बिक्री की गई थी। यदि ऐसा है, तो किन-किन लोगों को हथियार बेचे गए।
HC और LDC से भी पूछताछ
जानकारी के अनुसार एटीएस (ATS) की सूचना पर जोधपुर की डांगियावास पुलिस ने 1 अप्रैल को दो आरोपियों जैसलमेर निवासी हेड कॉन्स्टेबल अमीन खां और एलडीसी वांगे खां को 12 बोर की अवैध बंदूक, 30 जिंदा कारतूस और 12 हजार रुपए के साथ पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया कि दोनों जोधपुर से जैसलमेर के लिए रवाना हो रहे थे। इन्होंने ये हथियार जयपुर के परकोटा इलाके में स्थित शिकार गन हाउस से 1 लाख 20 हजार रुपयों में खरीदे थे। इसके बाद जयपुर नॉर्थ पुलिस और एटीएस ने गुरुवार को शिकार गन स्टोर के मालिक मोहम्मद जहीरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। मामले में जोधपुर के डांगियावास से गिरफ्तार हेड कांस्टेबल अमीन खां और एलडीसी वांगे खां से भी पता लगाया जा रहा है कि वे अवैध हथियार कहां लेकर जा रहे थे? क्या इनका अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क से कोई कनेक्शन है या फिर वे किसी और सिलसिले में हथियार लेकर जा रहे थे।



