BCR: बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य पद के प्रत्याशी तथा वरिष्ठ अधिवक्ता गजराज सिंह राजावत ने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी वर्तमान सदस्यों से मांग की है कि सभी राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव शीघ्र करवाएं जाएं। राजावत ने बार काउंसिल के अध्यक्ष को लिखे पत्र में बताया है कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव दिनांक 7 अप्रैल 2018 को संपन्न हुए थे। अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार निर्वाचित चेयरमैन, वाइस चेयरमैन एवं समस्त सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, जो कि वर्ष 2023 में पूर्ण रूप से समाप्त हो चुका है। कार्यकाल समाप्त हुए लगभग तीन वर्ष व्यतीत हो जाने के उपरांत भी सभी पदाधिकारी अपने-अपने पदों पर बने हुए हैं, जो न केवल न्याय, नैतिकता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है, बल्कि विधिक दृष्टि से भी गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है।
राजावत ने चेताया
राजावत ने चेताया कि कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात किसी भी निर्वाचित पद पर बने रहना स्पष्ट रूप से पद के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है, कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात जो भी निर्णय लिए गए वह पूर्ण रूप से अवैध है।
राजावत ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों में यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि चुनाव कराने की कोई ठोस मंशा नहीं है तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया की अनुमति का हवाला देकर चुनाव प्रक्रिया को निरंतर टालने का प्रयास किया जा रहा है।
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12 मार्च को चुनाव प्रस्ताव एवं दिनांक 10 जनवरी को स्मरण-पत्र जारी कर अधिवक्ताओं को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है, सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश 18-11-2025 की पालना भी नहीं की जा रही है। अतः कार्यकाल समाप्त होने के कारण सभी को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देकर चुनाव कराने चाहिए।
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