जयपुर में मेट्रो विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा अब लगभग खत्म होने वाली है। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है, जिससे इस बड़े शहरी ट्रांजिट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अब पूरा मामला केंद्रीय कैबिनेट के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जैसे ही कैबिनेट की अनुमति मिलती है, फेज-2 के निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएंगे।
उच्चस्तरीय बैठक में मिली हरी झंडी
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग में जयपुर मेट्रो फेज-2 के तकनीकी, आर्थिक और निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। विस्तृत जानकारी पेश किए जाने के बाद बोर्ड ने माना कि जयपुर की बढ़ती जनसंख्या, ट्रैफिक दबाव और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना बेहद आवश्यक है।
बैठक में मौजूद विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने DPR के सभी बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया और अंततः परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
अगला कदम—केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी
कई वर्षों से केंद्रीय मंजूरी का इंतजार कर रही यह परियोजना अब अंतिम स्टेज पर पहुंच चुकी है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही जयपुर में मेट्रो विस्तार का निर्माण शुरू होगा।
फेज-2 के पूरा होने पर शहर के प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लाखों लोगों को सुरक्षित व तेज सार्वजनिक परिवहन मिलेगा।
कहां-कहां बनेंगे नए स्टेशन?
फेज-2 में कुल लगभग 42.8 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा, जो जयपुर को उत्तर से दक्षिण तक जोड़ेगा। यह मार्ग सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया से अंबाबाड़ी तक जाएगा। पूरे रूट पर 36 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें —
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34 एलिवेटेड स्टेशन
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2 अंडरग्राउंड स्टेशन
शामिल होंगे।
इस रूट में कई महत्वपूर्ण स्थान जोड़े जाने का प्रस्ताव है—
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सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र
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जयपुर एयरपोर्ट
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जयपुर रेलवे स्टेशन
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गांधी नगर रेलवे स्टेशन
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एसएमएस अस्पताल
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कलेक्ट्रेट
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विद्याधर नगर
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वीकेआई
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अंबाबाड़ी
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टोंक रोड
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सीकर रोड
इसके साथ कई महत्वपूर्ण आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी और मजबूत होगी।
जयपुर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?
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शहर के तेजी से बढ़ते ट्रैफिक को कम करेगी
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प्रमुख कॉरिडोर के बीच यात्रा आसान बनाएगी
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उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी
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पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी
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आधुनिक शहरी परिवहन के विकास में बड़ा कदम साबित होगा
अब पूरा शहर इंतजार में…
PIB की मंजूरी के बाद अब सबकी नजर केंद्रीय कैबिनेट के फैसले पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि अगले चरण की अनुमति मिलते ही जयपुर मेट्रो फेज-2 पर तेजी से काम शुरू होगा, जिससे शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को एक नया और आधुनिक रूप मिलेगा।



