संसद में गुरुवार का दिन ई-सिगरेट विवाद की वजह से काफी गर्म रहा। प्रश्नकाल के दौरान एक सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ सदस्य सदन के भीतर ई-सिगरेट पीते दिखाई दिए। इस मुद्दे ने तुरंत हंगामा खड़ा कर दिया और सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही।
लोकसभा अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया और स्पष्ट कर दिया कि संसद भवन के अंदर किसी भी तरह का धूम्रपान सख्ती से प्रतिबंधित है।
संसद परिसर में सौगत राय को लेकर नई बहस
हंगामे के बीच ही संसद परिसर में एक वरिष्ठ सांसद को खुले में सिगरेट पीते देखा गया। उसी समय आसपास मौजूद दो केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें हल्के-फुलके अंदाज़ में रोकने की कोशिश भी की। इसके बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सांसद लगातार संसदीय मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं और संसद परिसर की गरिमा का ध्यान नहीं रख रहे।
“मैं संसद के अंदर नहीं पी रहा… बाहर कोई रोक नहीं सकता” – सौगत राय
सांसद ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद भवन के अंदर धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है और वे उसका सम्मान करते हैं। लेकिन भवन के बाहर धूम्रपान करने पर किसी का अधिकार नहीं है कि वह रोक-टोक करे।
उन्होंने टिप्पणी की,
“क्या अब यह भी तय होगा कि कौन कहां खड़ा हो सकता है? कौन मेरे लिए नियम बनाएगा?”
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर बेवजह तूल दे रहे हैं जबकि देश में कई गंभीर मुद्दे चर्चा के इंतजार में हैं।
चुनावी माहौल में बढ़ती राजनीतिक तीखी बयानबाज़ी
राज्य में आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों दल एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। संसद के भीतर ई-सिगरेट का मुद्दा उठाने के बाद परिसर में हुई हलचल ने इसे और बड़ा बना दिया है। राजनीति जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच और भी तीखा टकराव देखने को मिल सकता है।



