Religion and Astrology : मार्च माह के आरंभ में ही ग्रहों की स्थिति के कारण कालसर्प दोष का निर्माण हो गया है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की स्थिति की बात करें, तो केतु सिंह राशि में विराजमान है। इसके अलावा कुंभ राशि में राहु के साथ मंगल, बुध और सूर्य विराजमान है। इसके साथ ही मीन राशि में शनि और शुक्र है। ज्योतिष के अनुसार जब कालसर्प योग बनता है, तो जातकों पर इसका प्रभाव ही नहीं होता है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पड़ सकता है।
कब बनता है कालसर्प योग?
अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष बनता है तो उसके जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है। मन अशांत रहता है। स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। शिक्षा, व्यापार पर किसी न किसी तरह की बाधाएं आने लगती हैं। वैवाहिक जीवन में भी समस्याएं बनी रहती हैं परिवार में कलह से लेकर दोस्तों के बीच भी दरार आ जाती है। हालांकि कुछ मामलों में सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलता है, जो ग्रहों की स्थिति पर निर्भर है। बता दें कि चंद्रमा की स्थिति में बदलाव के कारण इस कालसर्प योग का प्रभाव कम हो जाएगा। जब चंद्रमा सिंह से मीन राशि के बीच होगा, तो प्रभाव अधिक होगा। इसके अलावा 26 मार्च को शुक्र मे राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जिससे ये योग समाप्त हो जाएगा।
कालसर्प दोष बनने से इन राशियों को मिल सकता है लाभ
धनु राशि
धनु राशि के जातकों की कुंडली में लग्न के स्वामी देवगुरु बृहस्पति सप्तम भाव में वक्री अवस्था में विराजमान है, जो 11 मार्च को मार्गी हो जाएंगे। धनु राशि के जातकों के लिए कालसर्प दोष थोड़ी कठिनाईयां ला सकता है। लेकिन सकारात्मक प्रभाव अधिक देखने को मिल सकते हैं। इस राशि के जातकों का ध्यान खुद पर अधिक होगा, जिससे व्यक्तित्व में निखार आ सकता है। आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल हो सकते हैं। आपके करियर में कई बड़ी उपलब्धियां जुड़ सकती है।मार्च का महीना धनु राशि के जातकों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। तीसरा और चौथा भाव सक्रिय हो जाते हैं। तीसरे भाव में सूर्य, मंगल, बुध और राहु के होने के कारण इस राशि के जातकों के आत्म विश्वास और साहस में भी तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। करियर में विदेश में नौकरी मिलने के चांसेस काफी अधिक बन सकते हैं। शुक्र के कारण सुख-सुविधाओं में भी तेजी से वृद्धि हो सकती है। संतान सुख के भी योग बन रहे हैं। गुरु की दृष्टि लग्न, तीसरे और ग्यारहवें भाव पर पड़ रही है। ऐसे में अविवाविहतों को शादी का प्रस्ताव मिल सकता है। इसके अलावा प्रापर्टी में भी लाभ मिल सकता है। हालांकि इस दौरान वाणी पर संयम आवश्यक है, वरना परिवार, जीवनसाथी और संतान के साथ संबंधों में तनाव हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहें।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए कालसर्प योग परेशानी बढ़ा सकता है। लेकिन कुछ ग्रहों की स्थिति के कारण आपको लाभ मिल सकता है। आपकी राशि में शेषनाग नाम का कालसर्प योग बन रहा है, जो छठे और बारहवें भाव से बनता है। इसके कारण इस राशि के जातकों को मुकदमे, रोग, चोट, दुर्घटना और खर्च बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस माह कुछ सकारात्मक योग भी बन रहे हैं। गुरु 11 मार्च से मार्गी होंगे। ऐसे में करियर और शिक्षा के क्षेत्र में काफी लाभ मिल सकता है। विदेश से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। सुख-सुविधाओं की तेजी से वृद्धि हो सकती है। गुरु सप्तम भाव में विवाह व दांपत्य सुख में खुशियां ला सकते हैं।
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तुला राशि
तुला राशि के लिए पद्म नाम का कालसर्प योग बन रहा है, जो पंचम और ग्यारहवें भाव से संबंधित है। इसका प्रभाव संतान, भाई-बहनों और भाग्य पर पड़ सकता है। ऐसे में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा कुछ अन्य ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ क्षेत्रों में आपको लाभ मिल सकता है। बता दें कि मार्च में आपकी गोचर कुंडली के पंचम भाव में सूर्य, मंगल, बुध और राहु विराजमान है, जबकि छठे भाव में शनि, शुक्र होंगे और 15 मार्च को सूर्य भी आ जाएंगे, जिससे त्रिग्रही योग बनेगा। देवगुरु बृहस्पति भाग्य भाव में वक्री अवस्था में है लेकिन 11 मार्च को मार्गी होंगे। केतु 11वें भाव में गोचर कर रहा है। ऐसे में पंचम, 12वां, लग्न, दूसरा, तीसरा और चौथा भाव रिक्त हैं, जिससे प्रबल कालसर्प दोष बन गया है। हालांकि यह दोष आंशिक रूप से ही रहेगा। भाव देगी।
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विदेश से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। उच्च शिक्षा पाने का सपना पूरा हो सकता है। नई नौकरी के योग बन रहे हैं। नया बिजनेस की शुरुआत इस माह करना लाभकारी हो सकता है। प्रॉपर्टी संबंधी कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। हालांकि, वाणी और निर्णयों पर नियंत्रण जरूरी है।



