Ajmer Congress : राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर निर्वाचन आयोग और स्थानीय निकाय चुनावों में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन आयोजित किए गए। अजमेर में शहर और देहात कांग्रेस की ओर से जिला कलेक्ट्री पर संयुक्त प्रदर्शन किया गया, लेकिन कार्यक्रम में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने को लेकर पार्टी के अंदर ही चर्चा शुरू हो गई है।
शहर अध्यक्ष की अपील के बाद भी नहीं दिखा असर
प्रदर्शन से पहले अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया था। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों और पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र से कार्यकर्ताओं को साथ लाने की अपील की थी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता नजर नहीं आए। कई पार्षद और संगठन के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में अपने समर्थकों के साथ नहीं पहुंचे।
अग्रिम संगठनों की भी सीमित मौजूदगी
प्रदर्शन में कांग्रेस के अग्रिम संगठनों जैसे यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और सेवा दल के कार्यकर्ताओं की भी अपेक्षित उपस्थिति नहीं दिखाई दी। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
कई बड़े नेता पहुंचे, लेकिन भीड़ रही कम
धरना प्रदर्शन में अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक विकास चौधरी, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष नसीम अख्तर इंसाफ, पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. श्री गोपाल बाहेती सहित कई नेता शामिल हुए। इसके अलावा अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे महेंद्र सिंह रलावता, नसीराबाद प्रत्याशी शिव प्रकाश गुर्जर, अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. द्रोपती कोली और अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।
देहात कांग्रेस की कमजोर भागीदारी पर उठे सवाल
अजमेर देहात कांग्रेस के अंतर्गत किशनगढ़, पुष्कर, नसीराबाद और केकड़ी विधानसभा क्षेत्र आते हैं। प्रदर्शन में इन क्षेत्रों से अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी नहीं पहुंचने की बात सामने आई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा रही कि चार विधानसभा क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नहीं दिखी।
गुटबाजी की चर्चाएं भी हुई तेज
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी भी चर्चा का विषय बनी रही। सचिन पायलट समर्थक माने जाने वाले कुछ प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर भी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा हुई। पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन, पीसीसी सदस्य हेमंत भाटी, पूर्व महापौर कमल बाकोलिया, पीसीसी सदस्य एवं पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया सहित कई पुराने पदाधिकारी कार्यक्रम में नजर नहीं आए।
स्थानीय निकाय चुनाव और वोट चोरी के आरोपों को लेकर था प्रदर्शन
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और स्थानीय निकाय चुनावों में कथित सरकारी हस्तक्षेप के विरोध के रूप में आयोजित किया था। पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और चुनावी पारदर्शिता की मांग उठाई। हालांकि, अजमेर में प्रदर्शन के दौरान कम संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर अब संगठनात्मक तैयारियों और आपसी समन्वय पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



