Rescue : जबलपुर में बरगी डैम पर क्रूज के डूबने के हादसे में अभी भी राहत और बचाव कार्य चल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में क्रूज चलाने पर रोक लगा दी है. रेस्क्यू के दौरान एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जो तेजी से वायरल हो रही है। रेस्क्यू टीम ने एक-दूसरे से लिपटे हुए मां-बेटे के शव को निकाला है। इस मंजर को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू आ गए। वहीं सोशल मीडिया पर मां बेटे की तस्वीर देखकर लोग अपने गम का इजहार कर रहे हैं।
सीने से बेटे के चिपकाए रही मां
शुक्रवार को बरगी डैम में रेस्क्यू के दौरान एक तस्वीर ने सभी को रुला दिया। एक महिला की लाश मिली है। वह अपने सीने से मासूम बेटे को चिपकाए थी। पानी के बहाव के बीच मां ने अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। मां लाइफ जैकेट पहनी थी लेकिन बेटा ऐसे ही था। दुखद बात यह रही कि दोनों की जान नहीं बच पाई। रेस्क्यू टीम ने जब दोनों का शव निकाला दो वहां चीख पुकार मच गई। हर आंखें नम थी। महिला का नाम मरिना मैसी है और बेटे का नाम त्रिशान है। वह चार साल का था। दोनों दिल्ली से घूमने जबलपुर आए थे। पिता प्रदीप और बेटी सिया की जान बच गई है।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार जनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। वे दोपहर 4 बजे जबलपुर पहुंच सकते हैं। वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
किसी ने लाइफ जैकेट नहीं दी
हादसे में बची सिया ने कहा कि हमलोग करीब साढ़े पांच बजे क्रूज पर चढ़े थे। हमें किसी ने लाइफ जैकेट नहीं दिया था। क्रूज बीच में पहुंची तो एकदम से तूफान आ गया। इसके बाद हमलोग क्रूज के नीचे वाले पार्ट में चले गए। मेरे पापा और एक अन्य अंकल ने लॉकर तोड़कर लाइफ जैकेट निकाली। पानी की तेज लहरें शिप के अंदर आ रही थी। हमलोग लाइफ जैकेट में बाहर निकल आए। मेरी मम्मी और भाई नहीं बचे हैं। गांव के लोगों ने आकर मदद शुरू की।
क्रूज पर 43 लोग थे सवार
बरगी CSP ने कहा कि अभी तक हादसे में 9 व्यक्तियों की मौत हो गई है। क्रूज में 43 व्यक्ति सवार थे, जिसमें से 28 व्यक्तियों को बचा लिया गया है बाकी लापता है, जिनकी तलाश जारी है।
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मंत्री ने दिए जांच के आदेश
आदेश के बाद पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के आदेश हमने विभाग को दिए हैं। अगर लापरवाही हुई है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक नौ लोगों के शव मिले हैं। उन्होंने कहा कि 29 लोगों के टिकट थे। बच्चों के टिकट नहीं लगते हैं। इसलिए सवारों की संख्या अधिक है। सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि कुल 43 लोग सवार थे। वहीं, जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक 28 लोगों को बचाया है। अभी रेस्क्यू ऑपरेशन दो-तीन घंटे चलेगी। क्रूज के आने के बाद ही सारी स्थिति साफ हो पाएगी। गौरतलब है कि हादसे में एक अन्य यात्री कोरी ने कहा कि किसी भी यात्री ने ‘लाइफ जैकेट’ नहीं पहन रखी थी। उन्हें अंदर कहीं रखा गया था। जब पानी भरने लगा तो उन्हें बांटने की कोशिश की गई जिससे अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की मच गई। कुछ ही पलों में नाव पलट गई।
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