Sound Theraphy : आपने कभी साउंड थैरेपी का नाम सुना है। मेडिकल ट्रीटमेंट की तरह साउंड ट्रीटमेंट भी आज की लाइफस्टाइल में शुमार हो गया है। दरअसल तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और थकान हर किसी की आम समस्या बन चुकी है. ऐसे में लोग तनाव को दूर करने के लिए तरह-तरह के तरीकों की तलाश में रहते हैं. दवाइयों और मेडिकल ट्रीटमेंट्स के साथ अब साउंड हीलिंग और म्यूजिक थेरेपी जैसी चीजों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. सिंगिंग बाउल लोगों की पहली पसंद बन रहा है।
साउंड हीलिंग क्या होती है.
साउंड हीलिंग साउंड की वेव के जरिए शरीर और मन को संतुलित करने की प्रक्रिया को कहा जाता है. कई जगहों पर ऐसा माना जाता है कि हर इंसान के शरीर में एनर्जी फ्लो होता है. जब यह फ्लो बिगड़ जाता है तो तनाव और बीमारियां पैदा होने लगती हैं. ऐसे में सिंगिंग बाउल या फिर Sound Theraphy शरीर की तरंगों को बैलेंस करती हैं और मन को गहरी शांति देती हैं. ये प्रक्रिया मेडिटेशन की तरह काम करती है लेकिन इसमें म्यूजिक और साउंड की शक्ति का इस्तेमाल होता है.
मरीज को म्यूजिक थेरेपी
Sound Theraphy आज के दौर में हेल्थकेयर सेक्टर में बड़े स्तर पर इस्तेमाल हो रही है. कई रिसर्च बताती है कि जब मरीज को उसकी पसंद का संगीत सुनाया जाता है तो उसके शरीर में डोपामाइन रिलीज होता है, जिससे मूड बेहतर होता है और स्ट्रेस लेवल कम हो जाता है. कई अस्पतालों में ऑपरेशन से पहले और बाद में मरीजों को म्यूजिक थेरेपी दी जाती है ताकि उनका डर और चिंता कम हो सके. साउंड हीलिंग मेंटल हेल्थ के साथ ही फिजिकल रिकवरी में भी काफी मददगार साबित होता.
तिब्बती परंपरा से जुड़ा
सिंगिंग बाउल मेडिटेशन खासतौर पर तिब्बती परंपरा से जुड़ा हुआ है. इन बाउल्स से निकलने वाली ध्वनि और कंपन सीधे दिमाग पर असर डालती है. ये वायब्रेशन जब ब्रेन वेव्स से मेल खाते हैं तो मन तुरंत रिलैक्स होने लगता है. आजकल के मॉडर्न हेल्थकेयर सेक्टर में Sound Theraphy को एक खास जगह दी जा रही है. कई अस्पताल अब अपने मरीजों को साउंड हीलिंग सेशन और म्यूजिक थेरेपी वर्कशॉप में शामिल होने की सलाह दे रहे हैं. इससे न केवल मरीज को राहत मिलती है बल्कि उनकी रिकवरी भी तेज होती है. ऐसे में सिंगिंग बाउल मेडिटेशन और म्यूजिक थेरेपी महानगरों में काफी लोकप्रिय हो रही है. लोग काम के तनाव को कम करने के लिए इन्हें अपनाते हैं.



