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बच्चों के दांत निकलने के बाद ब्रश कब शुरू करें? डॉक्टर की सलाह से जानें मासूमों के दांतों की सही देखभाल

Oral hygiene:बच्चों के दांत निकलने के बाद ब्रश कब शुरू करें?
Oral hygiene : माता-पिता अक्सर सोचते हैं कि दूध के दांत तो गिरने वाले हैं, इसलिए उनकी केयर की क्या जरूरत? लेकिन यह सोच पूरी तरह गलत है! दूध के दांत न सिर्फ बच्चों के खाने-बोलने में मदद करते हैं, बल्कि आने वाले स्थायी (पक्के) दांतों के लिए रास्ता भी तैयार करते हैं। अगर इनकी सही देखभाल न की जाए, तो दांत टेढ़े-मेढ़े निकल सकते हैं, इंफेक्शन फैल सकता है और मुस्कान पर भी असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि दांत निकलने के बाद ब्रश कब और कैसे शुरू करें, टूथपेस्ट की कितनी मात्रा सही है और अन्य जरूरी टिप्स क्या हैं।

बच्चे का पहला दांत कब निकलता है?

  • आमतौर पर 6 से 10 महीने की उम्र में पहला दांत निकलता है।
  • 3 साल तक सभी 20 दूध के दांत आ जाते हैं।

दांत निकलने के तुरंत बाद ब्रश शुरू करें!

“जैसे ही बच्चे का पहला दांत निकलता है, उसी समय से सफाई शुरू (Oral hygiene) कर देनी चाहिए। शुरू में साफ और गीले मुलायम कपड़े या फिंगर ब्रश से दांत और मसूड़ों को हल्के हाथ से साफ करें। एक साल की उम्र के बाद सॉफ्ट ब्रिसल वाला छोटा बच्चों का टूथब्रश इस्तेमाल कर सकते हैं।”2 साल की उम्र के बाद:

  • चावल के दाने जितनी मात्रा में फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट लगाकर दिन में 2 बार ब्रश कराएं।
  • इससे दांत सड़ने का खतरा कम होता है और स्थायी दांत भी स्वस्थ रहते हैं।

दांत न आए हों तो मसूड़ों की सफाई जरूरी क्यों?

  • दांत न आने पर भी दूध या फॉर्मूला मिल्क से बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जो बाद में दांतों की समस्या पैदा कर सकते हैं।
  • दिन में 1-2 बार साफ गीले कपड़े या गॉज से मसूड़ों को हल्के से पोंछें।
  • इससे मसूड़े स्वस्थ रहते हैं, इंफेक्शन कम होता है और दांत मजबूत निकलते हैं। साथ ही बच्चे को शुरुआत से ही ओरल हाइजीन की आदत पड़ जाती है।

दूध के दांतों की देखभाल क्यों इतनी जरूरी?

“दूध के दांत पक्के दांतों के लिए ‘गाइड’ की तरह काम करते हैं। अगर ये समय से पहले खराब या गिर जाएं, तो स्थायी दांत टेढ़े निकल सकते हैं या इंफेक्शन फैल सकता है। इसलिए नियमित सफाई और हर 6 महीने में डेंटल चेकअप जरूरी है।”

टूथपेस्ट निगलने का जोखिम क्या है?

  • छोटे बच्चे अक्सर टूथपेस्ट निगल लेते हैं, जो ज्यादातर मामलों में सुरक्षित है।
  • लेकिन ज्यादा फ्लोराइड निगलने से पेट दर्द, उल्टी या दांतों पर सफेद दाग (फ्लोरोसिस) हो सकता है।
  • 2 साल से कम उम्र में बिना पेस्ट या बहुत कम मात्रा (चावल का दाना जितना) इस्तेमाल करें।
  • ब्रश करते समय हमेशा नजर रखें और बच्चे को थूकना सिखाएं।

सुबह या रात – कब ब्रश जरूरी?

  • दिन में 2 बार ब्रश अनिवार्य: सुबह (रात भर जमा बैक्टीरिया साफ करने के लिए) और रात को (दिन भर की गंदगी हटाने के लिए)।
  • सिर्फ रात का ब्रश काफी नहीं, खासकर अगर बच्चा दिन में मीठी चीजें खाता है।
  • इससे दांतों में कीड़े लगने का खतरा कम होता है और दूध व स्थायी दोनों दांत लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।

टिप्स पेरेंट्स के लिए:

  • ब्रश रंगीन और आकर्षक चुनें ताकि बच्चा उत्साहित हो।
  • मीठी चीजें कम दें, खासकर सोने से पहले।
  • पहला डेंटल विजिट: पहला दांत निकलने के 6 महीने में या 1 साल की उम्र तक।

अपने बच्चे के दांतों की (Oral hygiene) देखभाल से उसकी मुस्कान हमेशा चमकदार रहेगी! अगर कोई समस्या हो तो तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करें।

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