अगर आपके घर या आसपास मोमोज और चाऊमीन की दुकानें आसानी से मिल जाती हैं, तो यह आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। एक हालिया रिसर्च में दावा किया गया है कि ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे का खतरा ज्यादा देखा गया है।
रिसर्च के अनुसार, जहां फास्ट फूड आसानी से उपलब्ध होता है, वहां लोग घर का संतुलित भोजन छोड़कर बार-बार बाहर का खाना खाने लगते हैं। इससे शरीर में कैलोरी का सेवन जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, जो मोटापा और आगे चलकर डायबिटीज की वजह बन सकता है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
इस अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों के घर से करीब 400 मीटर के दायरे में फास्ट फूड स्टॉल मौजूद हैं, उनमें वजन बढ़ने और ब्लड शुगर असंतुलित होने की संभावना अधिक रहती है। खासतौर पर मोमोज और चाऊमीन जैसे स्ट्रीट फूड को इस जोखिम से जोड़ा गया है।
मोमोज और चाऊमीन क्यों हैं सेहत के लिए नुकसानदायक?
मोमोज और चाऊमीन में बड़ी मात्रा में मैदा, रिफाइंड ऑयल और ज्यादा नमक होता है। ये तत्व शरीर में फैट बढ़ाने के साथ-साथ इंसुलिन रजिस्टेंस को भी प्रभावित करते हैं। लगातार सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल से बाहर जा सकता है और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
बच्चों और युवाओं पर ज्यादा असर
रिसर्च में यह भी सामने आया है कि स्कूल और कॉलेज के आसपास फास्ट फूड स्टॉल होने से बच्चों और युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। कई बच्चे हफ्ते में कई बार मोमोज और चाऊमीन खाते हैं, जिससे कम उम्र में ही टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है।
कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ सावधानियां अपनाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है:
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फास्ट फूड का सेवन सीमित रखें
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घर का ताजा और पौष्टिक भोजन खाएं
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रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें
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पर्याप्त नींद लें और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं
निष्कर्ष
मोमोज और चाऊमीन स्वाद में भले ही पसंदीदा हों, लेकिन इनका अधिक सेवन सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। खासतौर पर बच्चों और युवाओं को इससे दूरी बनाकर रखना चाहिए, ताकि भविष्य में डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों से बचा जा सके।
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