साउथ सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता विजय देवरकोंडा ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में चल रही पॉलिटिक्स और संगठित नेगेटिव रिव्यूज़ को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कोर्ट द्वारा फिल्म रेटिंग और रिव्यू पर अस्थायी रोक लगाने के फैसले का समर्थन किया है और इसे इंडस्ट्री के लिए जरूरी कदम बताया है।
विजय देवरकोंडा ने सुपरस्टार चिरंजीवी की अपकमिंग फिल्म ‘माना शंकर वर प्रसाद गारू’ को लेकर आए कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला उन्हें खुशी भी देता है और दुख भी। खुशी इसलिए कि इससे फिल्म बनाने वालों की मेहनत सुरक्षित रहेगी, और दुख इसलिए कि इस स्थिति तक पहुंचने के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा।
“2019 से देख रहा हूं फिल्मों के खिलाफ पॉलिटिक्स”
विजय ने बताया कि उन्हें पहली बार 2019 में अपनी फिल्म ‘डियर कॉमरेड’ के समय फिल्मों के खिलाफ संगठित हमलों और नेगेटिव कैंपेन का अनुभव हुआ था। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया और कहा गया कि अच्छी फिल्म को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता, लेकिन हकीकत इससे अलग है।
“कई रातें जागकर सोचता रहा”
एक्टर ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने विचारों में लिखा कि वह कई रातें जागते रहे और यह सोचते रहे कि आखिर कौन लोग इस तरह की हरकतें करते हैं, जो दूसरों के सपनों को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में नए और मेहनती लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है।
चिरंजीवी की फिल्म से भी जुड़ा मामला
विजय देवरकोंडा ने कहा कि यह बात अब साफ हो चुकी है कि फिल्मों को खतरा है, चाहे वह किसी नए कलाकार की हो या फिर चिरंजीवी जैसे मेगास्टार की। अदालत द्वारा इस खतरे को स्वीकार किया जाना इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है।
अंत में विजय ने उम्मीद जताई कि यह फैसला भविष्य में फिल्मों को संगठित नेगेटिव कैंपेन से बचाने में मदद करेगा और सिनेमा को निष्पक्ष माहौल मिलेगा।
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