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अब बदलेगी टीचिंग संस्थानों की तस्वीर, फर्जी और कमजोर संस्थानों पर लगेगी लगाम

ViksitBharatShikshaAdhisthanBill

ViksitBharatShikshaAdhisthanBill: देश में उच्च शिक्षा को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उच्च शिक्षा आयोग, यानी ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान’ बनने के बाद टीचिंग संस्थानों में सुधार की रफ्तार तेज होगी। अभी तक जिन कमियों की वजह से फर्जी और कमजोर संस्थान चलते रहे, उन पर अब लगाम लग सकेगी।

NCTE की सीमाएं, जिनकी वजह से कार्रवाई मुश्किल

फिलहाल टीचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने की जिम्मेदारी नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के पास है। लेकिन NCTE के पास थर्ड पार्टी ऑडिट करवाने, वित्तीय जुर्माना लगाने,चरणबद्ध कार्रवाई करने जैसे अधिकार नहीं हैं। यही वजह है कि नियम तोड़ने वाले कई संस्थान बच निकलते हैं।
डमी टीचिंग संस्थानों, फर्जी टीचर्स और स्टूडेंट्स की पहचान के लिए पिछले साल परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PARs) लागू की गई। 15 हजार से ज्यादा संस्थानों से रिपोर्ट मांगी गई, 3500 संस्थानों ने रिपोर्ट नहीं दी. इनमें से 1050 कोर्ट चले गए, 2500 न कोर्ट गए, न अपील की. जिससे शक गहराया कि ये संस्थान कहीं सिर्फ कागजों पर तो नहीं चल रहे।

नया उच्च शिक्षा आयोग क्या बदलेगा?

नया आयोग (ViksitBharatShikshaAdhisthanBill) बनने के बाद हर टीचिंग संस्थान की लेवल चेकिंग की तय प्रक्रिया होगी, हर कोर्स के लिए मिनिमम स्टैंडर्ड तय किया जाएगा, थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य होगा, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई और जुर्माना लगेगा, इससे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और मजबूत होगा। NCTE चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा के मुताबिक अब टीचिंग संस्थानों में B.Ed के साथ-साथ BA, B.Com, B.Sc स्किल एजुकेशन के कोर्स भी शुरू किए जा सकेंगे। NEP 2020 के तहत 2030 तक सभी टीचिंग संस्थानों को मल्टीडिसिप्लिनरी बनना ही होगा।

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अलग-अलग जगह आवेदन का झंझट खत्म

अभी नए कोर्स शुरू करने के लिए अलग-अलग संस्थाओं में आवेदन करना पड़ता है। लेकिन नए आयोग (ViksitBharatShikshaAdhisthanBill) के बाद सिंगल विंडो सिस्टम लागू होगा, एक ही जगह से मंजूरी मिल सकेगी, प्रक्रिया आसान और तेज होगी।नए सिस्टम में प्रोफेशनल स्टैंडर्ड सेटिंग बॉडी (PSSB) बनाई जाएगी, जो कोर्स डिजाइन करेगी, टीचिंग की योग्यता और नियम तय करेगी, एकेडमिक स्टैंडर्ड की निगरानी करेगी। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा। अभी नियम तोड़ने पर सिर्फ मान्यता रद्द करने का विकल्प है। नए आयोग के तहत चेतावनी, जुर्माना, चरणबद्ध कार्रवाई जैसे विकल्प मिलेंगे। साथ ही NAAC जैसी गुणवत्ता जांच प्रक्रिया भी शुरू हो सकेगी। सरकार ने ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक- 2025’ को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया है। इसमें एक शीर्ष निकाय (Apex Body) रेगुलेटरी काउंसिल,क्वालिटी काउंसिल, स्टैंडर्ड काउंसिल बनाने का प्रस्ताव है।

थर्ड पार्टी ऑडिट से सामने आएगी सच्चाई

नया उच्च शिक्षा आयोग लागू होते ही हर टीचिंग संस्थान का थर्ड पार्टी असेसमेंट होगा। डमी संस्थानों की असली तस्वीर सामने आएगी, छात्रों और सरकार दोनों को सही जानकारी मिलेगी।यानी अब शिक्षा व्यवस्था सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीनी हकीकत पर चलेगी।

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