Army Recruitment New Rule:भारतीय सेना ने जवानों के लिए एक बड़ा और राहत भरा नियम बदल दिया है। अब ग्रेजुएट जवानों को अफसर बनने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सेना ने अपनी आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) एंट्री स्कीम में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए ट्रेनिंग प्रक्रिया को छोटा कर दिया है।
क्या है नया नियम?
सेना ने ACC एंट्री स्कीम के तहत ग्रेजुएट जवानों के लिए ट्रेनिंग का समय काफी कम कर दिया है।
- पहले: ग्रेजुएट जवानों को भी 3 साल की पढ़ाई + 1 साल की ट्रेनिंग (कुल 4 साल) पूरी करनी पड़ती थी।
- अब: जो जवान पहले से ग्रेजुएट हैं, उन्हें 3 साल की पढ़ाई से छूट मिल गई है। अब उन्हें सीधे 1.5 साल की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद वे भारतीय सेना में अफसर बन सकेंगे।
इस बदलाव से ग्रेजुएट जवानों का समय बचेगा और वे जल्दी से जल्दी अपना करियर आगे बढ़ा सकेंगे।
किन जवानों को मिलेगा फायदा?
- ग्रेजुएट जवानों को इस नए नियम का सबसे बड़ा फायदा मिलेगा।
- जो सैनिक अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं, उन्हें अब लंबी पढ़ाई से गुजरने की जरूरत नहीं है।
- वहीं, केवल 12वीं पास जवानों के लिए नियम पहले जैसे ही रहेंगे। उन्हें अभी भी 3 साल की पढ़ाई + 1 साल की ट्रेनिंग (कुल 4 साल) पूरी करनी होगी।
पहले और अब में क्या अंतर है?
पहले सभी जवानों (चाहे ग्रेजुएट हों या 12वीं पास) के लिए एक ही प्रक्रिया थी। सभी को देहरादून स्थित आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) में 3 साल पढ़ाई करनी पड़ती थी, उसके बाद भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में 1 साल की ट्रेनिंग लेनी पड़ती थी।अब सेना ने इसे और लचीला बना दिया है। ग्रेजुएट जवानों को उनकी उच्च शिक्षा को ध्यान में रखते हुए सीधे ट्रेनिंग का मौका दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह बदलाव मुख्य रूप से सेना में अफसरों की कमी को पूरा करने और योग्य जवानों को तेजी से प्रमोशन देने के उद्देश्य से किया गया है। इससे जवानों का मनोबल भी बढ़ेगा और उन्हें लगेगा कि उनकी पढ़ाई और मेहनत का सही मूल्यांकन हो रहा है।सेना का यह नया नियम उन हजारों ग्रेजुएट जवानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जो लंबे समय से अफसर बनने का सपना देख रहे थे। अब उनके लिए यह सपना जल्दी साकार होने वाला है।



