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लखनऊ मर्डर केस में बड़ा खुलासा: इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्या में ‘चौथे शख्स’ की एंट्री? पिता ने बताया वशीकरण का राज

लखनऊ के गोमतीनगर में इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। इस हत्याकांड में जहां लिव-इन पार्टनर रत्ना और उसकी दो नाबालिग बेटियाँ मुख्य आरोपी बताई जा रही हैं, वहीं अब मृतक के पिता ने दावा किया है कि हत्या में एक चौथा व्यक्ति भी शामिल था। उन्होंने चार साल पुराने वशीकरण, पारिवारिक तनाव और रहस्यमयी गतिविधियों के बारे में ऐसे बातें बताई हैं, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।

कैसे सामने आया पूरा मामला?

33 वर्षीय इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह का शव उनके फ्लैट के बेडरूम में खून से लथपथ मिला था। उनकी गर्दन पर तीन गहरे घाव और शरीर पर कई चाकू के निशान पाए गए। पुलिस ने शुरुआती जांच में उनकी लिव-इन पार्टनर रत्ना और उसकी दो बेटियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी, लेकिन मृतक का परिवार इस कहानी को अधूरी बता रहा है।

परिवार का आरोप है कि सिर्फ तीन महिलाओं द्वारा इतने क्रूर तरीके से हत्या करना संभव नहीं लगता।

रिश्ता कैसे शुरू हुआ?

सूर्य प्रताप मूल रूप से देवरिया के निवासी थे। 2012 में परिवार के साथ जानकीपुरम में रहते समय उनकी पहचान पड़ोस में रह रही रत्ना से हुई। रत्ना के पति का निधन पहले ही हो चुका था और सूर्य उसकी बेटियों को ट्यूशन पढ़ाते थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ते की शुरुआत हो गई।

बाद में सूर्य ने परिवार से अलग होकर रत्ना और बेटियों के साथ गोमतीनगर में रहने का फैसला किया।

शादी का दबाव बना तनाव का कारण?

मृतक के पिता के अनुसार, पिछले कुछ समय से सूर्य की शादी तय करने की कोशिशें चल रही थीं और सूर्य भी इसके लिए राज़ी था। परिवार का दावा है कि रत्ना इस रिश्ते को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने देना चाहती थी और विरोध करने पर उसने धमकी भी दी थी कि वे झूठे आरोप लगाकर उसे फंसा देंगी।

चार साल पुरानी तांत्रिक क्रिया का दावा

परिवार और कुछ परिचितों के अनुसार, करीब चार साल पहले रत्ना ने एक तांत्रिक से सूर्य पर वशीकरण करवाया था। पिता का कहना है कि उसी समय से सूर्य का व्यवहार बदलने लगा था और वह मानसिक रूप से दबाव में दिखाई देता था।

‘चौथा व्यक्ति जरूर शामिल था’ – पिता का गंभीर आरोप

पिता नरेंद्र सिंह का कहना है कि—

“इतने गहरे घाव सिर्फ तीन महिलाओं के बस की बात नहीं। जरूर कोई बाहरी व्यक्ति इस हत्या में शामिल था।”

पड़ोसियों ने भी पुष्टि की है कि पिछले दिनों फ्लैट के आसपास एक अंजान व्यक्ति को कई बार देखा गया था। परिवार का दावा है कि रत्ना के संपर्क में एक बाहरी पुरुष था, जिसने हत्या में मदद की।

हत्या के बाद 10 घंटे की चुप्पी

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या सुबह हुई और रत्ना व उसकी बेटियाँ करीब 10 घंटे तक दूसरे कमरे में बैठी रहीं। बाद में उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इस लंबे इंतजार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिवार की मांग—‘पूरा सच सामने आए’

नरेंद्र सिंह का कहना है कि उनका बेटा जिम्मेदार और शांत स्वभाव का था। उन पर लगे आरोप पूरी तरह गलत बताए जा रहे हैं।

वे कहते हैं—

“हम सिर्फ इंसाफ चाहते हैं। हत्या में शामिल चौथे व्यक्ति को भी पकड़ा जाए।”

पुलिस फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल सबूतों और सभी आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच कर रही है। मामला जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, यह और रहस्यमयी और जटिल होता जा रहा है। आने वाले समय में कई नए खुलासे होने की संभावना है।

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